शहर को मॉडल सिटी बनाने की जद में आने वाले मॉल व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन शिकंजा कसेगा। शहर की सड़कों का चौड़ीकरण होगा। सड़क पर अतिक्रमण करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद उनका ध्वस्तीकरण होगा।
गुरुवार को डीएम ने इस प्रोजेक्ट के कार्यों की समीक्षा कर शहर को मॉडल सिटी बनाने पर काम भी शुरू कर दिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक में जिलाधिकारी ने कार्ययोजना की बिंदुवार समीक्षा कर प्रगति ली। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि वे शहर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित करने का काम शुरू कर दें।
उन्होंने विकास की राह में आने वाली इमारतों के मालिकों के खिलाफ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। दरअसल, मोदी सरकार की स्मार्ट सिटी की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने सूबे के सीतापुर समेत सात शहराें को मॉडल सिटी के रूप में विकसित कराने का फैसला लिया है।
कार्ययोजना बनाकर वर्ष 2015-16, 2016-17 की अवधि में इसे पूर्ण विकसित किया जाएगा। इस कार्य में निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाएगा। शहर का विकसित करने के लिए आवास एवं शहरी नियोजन को नोडल विभाग नामित किया गया है।