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बजट मिला, अब भूखे नहीं रहेंगे बच्चे

Mon, 28 Sep 2015 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
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मध्याह्न भोजन योजना में अब बजट का संकट दूर होगा। खाना पकवाने में आ रही आर्थिक दिक्कतें दूर की जाएंगी। शासन ने तीन माह की कन्वर्जन कास्ट जिले को मुहैया करा दी है। इस बजट को स्कूल के खातों में ट्रांसफर करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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खास बात यह है कि जिले के करीब 150 विद्यालयों ने जल्द कन्वर्जन कास्ट न मिलने पर एमडीएम बनवाने में असमर्थता जता दी थी। मध्याह्न भोजन योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को भोजन दिया जाता है। भोजन बनवाने के लिए अनाज मिलता है।

इसके अलावा मसाले, सब्जी, दूध व ईंधन खरीदने के लिए अलग से कन्वर्जन कास्ट मिलती है। इन दोनों को मिलाकर भोजन का वितरण होता है। शासन ने मार्च में कन्वर्जन कास्ट उपलब्ध कराई थी। यह कास्ट अप्रैल, मई व जुलाई में खर्च की जा चुकी है। अब विद्यालयों के पास बजट नहीं है।
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कुछ विद्यालयों के पास समायोजन का बजट बचा था। उससे वे एमडीएम बनवा रहे है। इसके अलावा जिले के 150 विद्यालयों ने जल्द कन्वर्जन कास्ट न मिलने पर एमडीएम बनवाने में असमर्थता जताई थी। अब यह संकट दूर होगा। जिले में 3001 प्राथमिक विद्यालय है। इन विद्यालयों में करीब चार लाख नौनिहाल अध्ययनरत है।

इन नौनिहालों के लिए 3 करोड़ 41 लाख का बजट रिलीज किया गया है। इसी प्रकार 1146 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इन विद्यालयों में दो लाख नौनिहाल पढ़ रहे है। इनके लिए एक करोड़ आठ लाख का बजट मुहैया कराया जाएगा। यह बजट जुलाई, अगस्त व सितंबर का है। बजट को विद्यालय के खातों में भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है।

जिले में करीब 11 हजार रसोइयां है। ये परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम बनवा रहे है। इनको मानदेय न मिलने की वजह से आर्थिक दिक्कतें उठानी पड़ रही थी। अब उनको जुलाई व अगस्त का मानदेय मिलेगा। शासन ने बजट रिलीज कर दिया है। इनके खातों में धन भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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