लहरपुर। अयोध्या में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी राजू खान का डीएनए सैंपल पीड़िता के सैंपल से मैच हो गया। इस रिपोर्ट के आने के बाद आरोपी राजू के लहरपुर स्थित मूड़ाखेड़ा गांव के लोग नाराज हैं। राजू के परिजन भी हताश हैं। भाई का कहना है कि अगर राजू अपनी मां की नसीहत मान लेता तो आज परिवार व गांव वालों को यह दिन नहीं देखना होता।
अयोध्या दुष्कर्म कांड के तार सीतापुर से जुड़ते ही लहरपुर का मूड़ीखेड़ा गांव चर्चा में आ गया। सोमवार को इस मामले के आरोपी राजू खान का डीएनए सैंपल पीड़िता के डीएनए से मैच होने की खबर गांव पहुंची तो परिजनों का सिर शर्म से झुक गया। राजू खान इस बहुचर्चित कांड में सह आरोपी है। गांव निवासी राजू के भाई शादाब ने बताया कि राजू लगभग पांच वर्ष पूर्व मजदूरी करने अयोध्या गया था। जब भी वह गांव आता था तो अब्बू-अम्मी हमेशा नसीहत देते थे कि बेटा परदेस में कायदे से रहना। सभी बहू-बेटियों का अपनी बहनों की तरह ही सम्मान करना। शादाब ने बताया कि राजू खान के इस कृत्य से सभी लोग दुखी हैं।
मजदूरी की रकम से पैरवी करेगा परिवार
शादाब ने बताया कि हम बेहद गरीब हैं। मजदूरी करके ही परिवार का जीवन यापन होता है। कहा कि राजू आरोपी बन गया है। अब जो संभव होगा उसकी कानूनी मदद करेंगे। उसकी पैरवी मजदूरी की रकम से ही की जाएगी।
परिवार को दो बहनों की शादी की चिंता
शादाब ने बताया कि हमारे परिवार के पास मात्र एक बीघा जमीन है। सभी भाई व अब्बू मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। अभी दो बहनों की शादी भी करनी है। उन्होंने बताया कि राजू चौथे नंबर का भाई है और सबसे छोटा भाई अहद लगभग आठ वर्ष का है, जो पैसे के अभाव में विद्यालय न जाकर पास में ही मौलवी से शिक्षा लेता है। शादाब ने बताया कि इस मुसीबत के समय में राजू खान जिसके यहां काम करता था, उसने कोई सहायता नहीं की है। बताया कि परिवार के लोग इस कांड के बाद से दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।