इमलिया सुल्तानपुर। शहर की रिहायशी कॉलोनी आनंद नगर की गलियां इन दिनों अव्यवस्था का शिकार हैं। मोहल्ले की टूटी नालियां और सड़कों पर बिखरा कूड़ा स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत बन गया है। इसके साथ ही गलियों में बेतरतीब ढंग से खड़े निजी और व्यावसायिक वाहनों के कारण लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि सड़क पर खड़े इन वाहनों की वजह से जाम की स्थिति रहती है। यदि किसी मरीज के लिए एंबुलेंस या अन्य चौपहिया वाहन बुलाना पड़े, तो रास्ते में खड़े वाहन स्वामियों से गाड़ियां हटाने की मिन्नतें करनी पड़ती हैं। रास्ता खाली कराने की बात पर अक्सर वाहन स्वामियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद और कहासुनी की नौबत आ जाती है।
घर के बाहर खड़ा कर देते हैं वाहन
स्थानीय निवासी राम मदन यादव ने बताया कि रात के समय चार पहिया वाहन से घर पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं होता। लोग अपने घरों के बाहर और सड़कों पर बेतरतीब ढंग से कारें खड़ी कर देते हैं, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। ऐसी स्थिति में वाहन लेकर निकलना मुश्किल हो जाता है।
हो जाता है विवाद
स्थानीय निवासी सुरेश प्रकाश वर्मा ने कहा कि आपात स्थिति में यदि किसी मरीज के लिए एंबुलेंस बुलानी पड़े, तो सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहन बाधा बन जाते हैं। जब वाहन स्वामियों से गाड़ियां हटाने को कहा जाता है, तो अक्सर विवाद और कहासुनी की स्थिति पैदा हो जाती है।
गंदगी का लगा अंबार
दीपक मिश्रा ने बताया कि मोहल्ले में भारी व्यावसायिक वाहनों के आवागमन और दबाव के कारण नालियां टूट गई हैं। नालियां क्षतिग्रस्त होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिसके कारण चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है और लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
आम जनमानस की तरफ दें ध्यान
स्थानीय निवासी रंजन मिश्रा का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए नगर पालिका और जिला प्रशासन को ठोस और सख्त कदम उठाने चाहिए। अधिकारियों को समय-समय पर मोहल्ले का निरीक्षण कर वहां का जायजा लेना चाहिए। आम जनता की मूलभूत समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।