फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जर्जर पुलों पर हो रहा जोखिम भरा सफर

विज्ञापन
कैंचीपुल की टूटी रेलिंगं। -संवाद - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन
सीतापुर। जिले में कई पुल और पुलिया जर्जर हो चुके हैं। इन पर से रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहनों और लोगों का आना-जाना बना हुआ है। जर्जर पुलों पर खतरों से भरे सफर को लेकर प्रशासन भी खामोश है। गुजरात में मोरबी पुल हादसे के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि जर्जर पुलों पर आखिर आवागमन कितना सुरक्षित है। इसे लेकर जिम्मेदारों बेखबर हैं।
विज्ञापन

शासन भी अब गुजरात के मोरबी पुल हादसे के बाद सजग है। प्रदेश भर के जनपदों से जर्जर पुलों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। सीतापुर में भी कई ऐसे पुल हैं, जो देखरेख या मरम्मत के अभाव में जर्जर होते जा रहे हैं। इन पर आवागमन खतरे से खाली नहीं है। इसके बाद भी रोजाना सैकड़ों भारी वाहन और राहगीर इन पुलों से गुजरते हैं।
राहगीरों के सामने पुल से गुजरना मजबूरी हो सकती है, लेकिन प्रशासन इस बात से बेखबर होकर शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। गुजरात में मोरबी पुल हादसे में सैकड़ों लोगों की जान चली गई पर जिले के अफसर उससे सबक लेते नजर नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन

अपर जिलाधिकारी राम भरत तिवारी ने कहा कि शासन से जर्जर पुलों की रिपोर्ट मांगे जाने की जानकारी नहीं है। एसडीएम सदर गौरव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग से जर्जर पुलों के बारे में जानकारी करेंगे। अगर पुल मरम्मत के योग्य है तो उनकी मरम्मत कराने को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
पुल में दिखने लगी दरारें
शहर में मछली मंडी के पास सरायन नदी पर बना पुल जर्जर हालत में है। इस पुल में जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं। देखरेख के अभाव में पुल की दशा लगातार बदतर होती जा रही है। फिर भी जिम्मेदार इस गंभीर मामले की अनदेखी कर रहे हैं।
धंसी सड़क पर भर दी बजरी
शहर में आलमनगर से दुर्गापुरवा जाने वाले मार्ग पर सरायन नदी पर बने पुल के एक छोर पर सड़क धंस गई है। एक साल पहले धंसी इस सड़क को बजरी डालकर पाट दिया गया है। इसकी मरम्मत कराना तक मुनासिब नहीं समझा गया। इस पुल से रोज सैकड़ों भारी व हल्के वाहन और पैदल राहगीर गुजरते हैं।
कैंची पुल की रेलिंग टूटी
शहर में सरायन नदी पर बना कैंची पुल बेहद जर्जर है। पुल की रेलिंग टूट गई है। कई जगह दरारें पड़ चुकी हैं। रेलिंग में कुछ स्थानों पर झुकाव नजर आने लगा है। इस पुल पर सैकड़ों वाहनों समेत पैदल राहगीर रोजाना आवागमन करते हैं। प्रशासन कैंची पुल की बदहाली से अंजान बना हुआ है।
चिटकने लगा अंग्रेजों के जमाने का पुल
लहरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मेहंदीपुर के निकट खीरी ब्रांच की नहर पर स्थित बेनी रामा पुल अंग्रेजों ने लगभग 100 वर्ष पूर्व बनवाया था। इसकी डाट जगह-जगह से चिटक गई है। लालपुर के आगे गोबरिया नदी पर बना पुल भी विगत वर्ष भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल की जर्जर स्थिति को देखते भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। छोटे और हल्के वाहन इस खस्ताहाल पुल से लगातार गुजर रहे हैं। इसके अलावा मोहद्दीनपुर के निकट नहर पर बना क्षतिग्रस्त पुल भी इस कदर जर्जर है कि किसी भी समय ढह सकता है।
जिम्मेदारों की लापरवाही पड़ सकती भारी
आलमनगर से दुर्गापुरवा जाने वाले मार्ग पर निर्मित पुल की हालत को लेकर स्थानीय निवासी रामपाल बताते हैं कि एक साल पहले सड़क धंसी थी। उसमें बजरी भर दी गई। उस जगह पर सड़क आज भी बराबर नहीं है। जिम्मेदारों की यह लापरवाही राहगीरों को भारी पड़ सकती है। मछली मंडी के पास वाले पुल को लेकर अर्चना कहती हैं कि देखरेख के अभाव में इसकी दशा खराब होती जा रही है। पुल में कई जगहों पर दरारें साफ नजर आ रही हैं। फिर भी मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
शासन से जर्जर पुलों को लेकर रिपोर्ट मांगी गई थी। शहर का कैंची पुल जर्जर है। इसका एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कार्य कराया जाएगा। यहां अन्य कोई पुल जर्जर नहीं है।
विज्ञापन

- अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें