दहेज के लिए बारातियों का हुड़दंग एक दुल्हन को इस कदर नागवार गुजरा कि उसने फेरे लेने से इन्कार कर दिया। पूरी रात मान मनौव्वल का दौर चला, लेकिन दुल्हन शादी को राजी नहीं हुई। पुलिस ने किसी तरह विवाद शांत कराया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के लौट गई।
थाना क्षेत्र के माखपुर निवासी बैजू ने पुत्री रेशमा देवी का विवाह क्षेत्र के ग्राम राही निवासी जगदीश के पुत्र जुगलू से तय किया था। जुगलू बारात लेकर रविवार रात बैजू के दरवाजे पर पहुंचा। देर रात तक कन्या पक्ष बारात का इंतजार करता रहा।
माखपुर व राही गांव की दूरी महज चार किलोमीटर की है। बावजूद इसके बारात रात एक बजे लड़की पक्ष के दरवाजे पर पहुंची। इस बात से लड़की पक्ष बेहद नाराज था। इसके बाद भी बारातियों का स्वागत किया गया। जब बारात लड़की पक्ष के दरवाजे पर पहुंची, तब बारातियों ने दहेज के लिए हुड़दंग शुरू कर दिया।
लेनदेन को लेकर वर व कन्या पक्ष में विवाद होने लगा। तकरार बढ़ती देख, दुल्हन नाराज हो गई। दुल्हन ने बीच में पहुंचकर कहा कि वह शादी ही नहीं करना चाहती है। दोनों पक्ष विवाद बेवजह कर रहे हैं। इसके बाद लोग विवाद छोड़कर दुल्हन को मनाने में जुट गए, लेकिन दुल्हन इस कदर रूठी कि उसने फेरे लेने से इन्कार कर दिया।
दुल्हन को राजी होते न देख पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच पहले सुलह कराने का प्रयास किया, लेकिन जब दुल्हन ने कह दिया कि वह शादी नहीं करेगी, तब दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया गया। इसके बाद बारात लौट गई।