रोडवेज बस चालक की सूझबूझ से मंगलवार को एक बड़ा हादसा टल गया। चालक अजीत ने बहादुरी की मिसाल पेश करते हुए बस में सवार 36 यात्रियों की जान तो बचाई ही कस्बे के भीड़भाड़ वाले इलाके से पहले बस को पेड़ से टकराकर एक बड़ी अनहोनी होने से बचा ली। इस दौरान वह खुद घायल हो गया।
सीतापुर डिपो की यह बस हरदोई से सीतापुर आ रही थी। सीतापुर डिपो की एक बस मंगलवार को यात्रियों को लेकर हरदोई से सीतापुर जा रही थी। इसी बीच नैमिषारण्य कस्बे में रेल क्रॉसिंग से पहले बस का ब्रेक अचानक फेल हो गया और बस अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पेड़ से टकरा गई।
हादसे में बस चालक मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के ग्राम करखिला निवासी अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि बस में सवार अन्य यात्री बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के तुरंत बाद एंबुलेंस से चालक को मिश्रिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
सीएचसी में भर्ती चालक ने बताया कि नैमिष मोड़ पर ब्रेक लगाना चाहा, लेकिन समय से ब्रेक नहीं लगा। पता चला कि ब्रेक फेल हो गया। हालांकि मोड़ पर किसी तरह बस को सकुशल निकाल लिया गया।
कुछ देर में ही नैमिष कस्बा आने वाला था। वहां भीड़भाड़ की वजह से बस को कुछ दूर पहले रोकना बेहद जरूरी थी। साथ ही बस में सवार मुसाफिरों की भी चिंता थी। मजबूरन बस को एक पेड़ से टकराना पड़ा।
इस दौरान यह भी ध्यान रखा कि किसी यात्री को चोट न आने पाए। उधर, कंडक्टर विमलेश ने बताया कि बस में 36 यात्री सवार थे। बस को पेड़ से टकराने से पहले सभी यात्रियों को सावधान कर दिया गया था। उन्हें मजबूती से बस को पकड़ने के लिए कहा गया था। इसी वजह से कस्बे के अंदर पहुंचने से पहले बस को पेड़ से टक्कर रोक लिया गया।