मिश्रिख। झोलाछाप के इलाज के बाद एक नौ वर्षीय बालक की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को मृतक के घर पहुंचकर मामले की जांच की और परिजनों से जानकारी ली।
ग्रामसभा आट के मजरा कोचपुर निवासी अनीश (9) को बुखार आ रहा था। परिजन उसे सीएचसी लेकर गए, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन अटवा बाजार में क्लीनिक संचालित कर रहे झोलाछाप के पास इलाज कराने पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप ने अनीश को कई बोतल ग्लूकोज चढ़ाने के साथ इंजेक्शन लगाए। इसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे घर भेज दिया गया, जहां शनिवार को पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी परिजनों ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रखर श्रीवास्तव को दी। उनके निर्देश पर डॉ. एमपी सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली।
डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इलाज में लापरवाही की बात सामने आई है। झोलाछाप के क्लीनिक की जांच अभी नहीं हो सकी है। मृतक के पिता की ओर से अभी कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
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पहले भी बंद कराया जा चुका है क्लीनिक
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित झोलाछाप के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। करीब पांच माह पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने जांच के दौरान अवैध रूप से इलाज करते पाए जाने पर क्लीनिक बंद करा दिया था। कुछ दिनों बाद क्लीनिक फिर से चोरी-छिपे संचालित होने लगा।
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क्षेत्र में सक्रिय हैं कई झोलाछाप
मिश्रिख कस्बे, अटवा, नैमिषारण्य और औरंगाबाद समेत क्षेत्र के कई स्थानों पर झोलाछाप के क्लीनिक संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर कार्रवाई कर इन्हें बंद कराया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से संचालन शुरू हो जाता है।