कमलापुर में नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के तहत अधिग्रहीत भूमि का चिह्नाकन कर लिया गया है। डिवाइडर से दोनों ओर 22.50 मीटर भूमि एनएचएआई अधिग्रहीत करेगा। साढ़े बाइस मीटर दूरी पर बिजली के पोल लगाए जाएंगे। जिसके बाद ओवर ब्रिज, नाला व लिंक रोड का निर्माण होगा। यह निर्णय सोमवार को एडीएम सर्वेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित एनएचएआई, कार्यदायी संस्था एलएसईएल के प्रतिनिधियों और कमलापुर के व्यापारियों की बैठक में हुआ।
कमलापुर में जून 2014 में अधिग्रहीत भूमि पर बने रिहायशी व कारोबारी भवन ढहाए गए थे। जिसके बाद अभी तक कार्यदायी संस्था एलएसईएल ने ओवर ब्रिज, नाला व लिंक रोड निर्माण शुरू नहीं कराया। कमलापुर के व्यापारियों का आरोप है कि नाला न बनने से हाईवे पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है।
बारिश के दिनों हाईवे तालाब बन जाता है। इसके अलावा अक्तूबर के पहले सप्ताह में प्रशासन व हाईवे के अफसरों ने कस्बे में फिर से अतिक्रमण के नाम पर बुलडोजर चलवा दिया। जिससे पटरी दुकानदारों की रोजी-रोटी छिन गई। इन समस्याओं को देखते हुए व्यापारियों ने रविवार को एडीएम सर्वेश कुमार को ज्ञापन देकर ड्राइंग के अनुसार एक बार में ही अधिग्रहीत भूमि का चिह्नाकन कराने के साथ ओवर ब्रिज, नाला व लिंक रोड का निर्माण शीघ्र चालू कराने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित करने की मांग की थी।
एडीएम ने सोमवार को दोनों पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया था। सोमवार को एनएचएआई के इंजीनियर प्रमोद कुमार, कार्यदायी संस्था एलएसईएल के असिस्टेंट मैनेजर अंकेश कुमार व सुरेश पाठक और व्यापारियों की बैठक एडीएम दफ्तर में हुई। बैठक में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अधिग्रहीत भूमि साढ़े बाइस मीटर लेकर इस दूरी पर बिजली के पोल लगाने का निर्णय हुआ।
पोल लगने के बाद निर्माण शुरू करने और नौ माह की अवधि में काम पूरा करने का आश्वासन एनएचएआई व कार्यदायी संस्था ने दिया है। इस मौके पर आरपी सिंह, रामचन्दर चौधरी, हंसराज जायसवाल, मजीद, दीपक गुप्ता, महावीर आदि मौजूद थे।