लहरपुर (सीतापुर)। कोतवाली क्षेत्र के बेहड़ा कोदहरा गांव में दो बहनों पायल (19) व मुस्कान (17) के शव बृहस्पतिवार को साड़ी से बने एक ही फंदे से कमरे में लटके मिले। दोपहर में परिजन खेत से काम करके लौटे तो कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था। आवाज लगाने पर जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया।
भीतर दोनों के शव लटके मिले। इसके बाद चीख-पुकार मच गई। रोने की आवाज सुन आसपास के लोग भी जुट गए। पुलिस भी पहुंची। शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। फिलहाल पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। मां से भी पूछताछ होगी। पिता के भी बयान लिए जाएंगे।
पुलिस के अनुसार पूरा परिवार काफी समय से लखीमपुर में रहता था। पिता सरवन कुमार कुछ दिन पहले ही गांव आए थे। बृहस्पतिवार को सभी खेत में काम करने गए थे। दोपहर में दोनों बहनों को बड़ा भाई घर छोड़कर वापस खेत में चला गया। काम समाप्त करके जब सभी घर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।
एएसपी उत्तरी प्रकाश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से बातचीत की। इंस्पेक्टर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। साक्ष्य जुटाने का प्रयास हो रहा है। अभी तक परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। वहीं, सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग की बात सामने आई है।
आर्थिक स्थिति नहीं है ठीक
पिता सरवन कुमार लखीमपुर, जम्मू, हिमाचल सहित विभिन्न क्षेत्रों में मजदूरी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोनों बहनें लगभग एक साल से गांव में ही रह रही थीं। खीरी में पायल कक्षा नौ और मुस्कान 11 तक पढ़ी थी। परिवार के पास लगभग चार बीघा खेत है। बहनों के अलावा उनके दो भाई हैं, जिसमें बड़ा रवि व छोटा भाई छोटू है।
नहीं मिला मोबाइल
इंस्पेक्टर मुकुल प्रकाश वर्मा के मुताबिक दोनों बहनों के पास मोबाइल नहीं है। परिवार के अन्य लोगों के पास मोबाइल हैं, जिनके सीडीआर की जांच की जाएगी। दोनों बहनें जहां-जहां अभी तक रही हैं, वहां से भी साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
इंस्पेक्टर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों के विशेष पैनल की निगरानी में किया गया। इंस्पेक्टर के मुताबिक पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई।