सीतापुर। जिले की पांच सीटों पर भाजपा ने पुराने चेहरों को उतार दिया है, लेकिन ‘वेट एंड वॉच’ की तर्ज पर छोड़ी गई चार सीटों को लेकर असमंजस गहराता जा रहा है। होल्ड पर की गई इन सीटों को लेकर पार्टी हाईकमान सभी समीकरणों को साध रही है। इन सीटों पर प्रत्याशियों को उतारने के लिए गोटियां भी बिछाई जा रहीं हैं। यही नहीं भाजपा और सपा के बीच नहले पर दहले वाला खेल चल रहा है, लेकिन यह खेल किसके लिए संजीवनी साबित होगा, इसको लेकर थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
हाल फिलहाल दावेदारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। हरगांव, लहरपुर, महमूदाबाद, मिश्रिख, सेवता में पुराने चेहरों को उतारने के बाद भाजपा ने अभी सदर, महोली, बिसवां और सिधौली सीट पर प्रत्याशियों को उतारने को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। इसके पीछे सियासत के जानकारों की माने तो पार्टी हाईकमान के पास इन चारों सीटों की मौजूदा स्थिति के बारे में पूरी जानकारी है।
यही वजह है कि पार्टी इस बात पर मंथन और चिंतन कर रही है कि किस सीट पर कौन सा प्रत्याशी फिट बैठेगा। किस प्रत्याशी को कौन सी सीट से उतारने से उम्मीदों का कमल खिल सकेगा। यही समीकरण साधे जा रहे हैं। गुणा-गणित तेज है। सियासी पंडितों की माने तो टिकट देने में हो रही देरी की बड़ी वजह है कि इस बार के चुनाव में एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही भाजपा और सपा एक-दूसरे के दांव पर नजर रखे हुए है।
ऐसे में मौजूदा हालात की राजनीति नहले पर दहला की कहावत को सच साबित करती दिख रही है। फिलहाल लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। नजर दिल्ली पर टिकी है। इंतजार टिकट का हो रहा है।
जानिए, इन सीटों पर टिकट कटने के क्यों हैं संकेत
2017 में जीते नगर विधायक राकेश राठौर पार्टी छोड़कर सपा में जा चुके हैं। इस सीट को लेकर अन्य लोगों की दावेदारी का रास्ता खुद ब खुद साफ हो गया है। बिसवां सीट की बात करें अभी हाल ही में हुए एक घटनाक्रम के बाद यहां भी टिकट कटने की आशंका जताई जा रही है। सिधौली सीट की बात करें तो 2017 के चुनाव में मोदी लहर में भी रामबख्श रावत सिधौली सीट से कमल को नहीं खिला पाए थे। बीच में ब्लॉक प्रमुखी के चुनाव में पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर सपा में चले गए थे।
ब्लॉक प्रमुुखी का चुनाव जीतने के बाद पिछले महीने वह फिर से भाजपा टिकट की उम्मीद को लेकर शामिल हो गए हैं, लेकिन टिकट मिलने का आसार इस बार न के बराबर हैं। यही हाल महोली सीट को लेकर हैं। यहां भी 2017 के चुनाव में जीते विधायक का भी इस बार टिकट कटने की चर्चाएं काफी तेज हैं। जानकार बताते हैं कि इन विधायक का टिकट कटने के पीछे पार्टी को मिला फीडबैक बताया जा रहा है।
कभी भी जारी हो सकती प्रत्याशियों की सूची
प्रतीक्षा में छोड़ी गई चार सीटों पर प्रत्याशियों को उतारने की घोषणा कभी भी हो सकती है। इसकी चर्चाएं भाजपा में तेज हो गई हैं। जिले के एक बड़े नेता ने बताया कि आज या कल में कभी भी प्रत्याशियों की सूची जारी हो सकती है। ऐसी चर्चाएं दिल्ली से मिल रहे संकेतों के आधार पर चल रही हैं।
पहले आप... के इंतजार में भाजपा-सपा
सियासी जानकारों की माने तो प्रत्याशियों को उतारने में हो रही देरी की वजह भाजपा-सपा है। दोनों दल एक-दूूसरे के ‘पहले आप’ के कदम का इंतजार कर रही हैं। पार्टियां इस इंतजार में हैं, कि कौन किस पर दांव लगाएगा, उसी हिसाब से ऐन वक्त पर पार्टी जिताऊ प्रत्याशी पर दांव लगाकर चौंका सकती है।