सावन के दूसरे सोमवार को रिमझिम फुहारों के बीच शिव साधक शिवालय पहुंचकर भोले भंडारी की भक्ति में सराबोर हुए। बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगा सकी। जिले के शिव मंदिरों में सुबह से भक्तों की लंबी कतारें लग गई।
भगवान शंकर के दर्शन-पूजन के साथ भजन और बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारों से शिवालय गूंज उठे। तमाम भक्तों ने व्रत रहकर रूद्राभिषेक व भंडारे का आयोजन किया। देर शाम तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रही।
सावन के दूसरे सोमवार को सुबह से ही आसमान में काली घटाओं ने डेरा जमा लिया था। बादलों ने बरसना शुरू किया तो कहीं तेज बारिश हुई और कहीं रिमझिम फुहारें गिरीं। लेकिन बारिश की परवाह किए बगैर शिव भक्त घरों से निकल शिवालयों की ओर बढ़ चले।
शहर के श्यामनाथ, जंगलीनाथ, त्रिकोणनाथ, ताड़कनाथ इत्यादि शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई। श्रद्धालुओं ने गषंगाजल, दूध-दही, घी-शक्कर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, दूब, श्रीफल, शहद, पंचामृत आदि से शिवलिंग का अभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस बीच ऊं नम: शिवाय, हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से शिवालय दिन भर गुंजायमान होते रहे।
सुबह से देर शाम तक शिव साधक अपने आराध्य देव भगवान शंकर की भक्ति सागर में डुबकी लगाकर सराबोर होते रहे। भक्तों ने व्रत रखकर रूद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन भी किया। जिले में बिसवां के पत्थर शिवाला, महमूदाबाद के संकटा देवी मंदिर परिसर स्थित शिव प्रतिमा, सिधौली के सिद्धेश्वर मंदिर, कमलापुर के नागेश्वरनाथ धाम सहित खैराबाद, पिसावां, लहरपुर, महोली, रेउसा, थानगांव, रामपुर मथुरा, मिश्रिख आदि जगहों पर श्रद्धालुओं ने भोले भंडारी की पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस व प्रशासन भी सतर्क रहा।