नीली बत्ती लगी हूटर बजाती गाड़ियां कसमंडा की गलियों में सरपट दौड़ रही हैं। एक अफसर जाता है तो पलक झपकते ही दूसरा तैयारियों का जायजा लेने आ जाता। सरकारी कर्मी, मजदूर, दर्जी, पेंटर सभी अपने-अपने काम में संजीदगी से जुटे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र हो या प्राइमरी स्कूल या फिर गांव की गलियां, सबकी सूरत बदली जा रही है।
ग्रामीण भी सरकारी कामों में ये तेजी देख हैरत में हैं। दरअसल, ये चुस्ती कमिश्नर के प्रस्तावित दौरे को लेकर है। डीएम बुधवार को यहां पहुंचेंगे। ग्रामीण बुदबुदा रहे हैं, कि साहब ढोल पीटकर मुआयना करने आ रहे हैं बिना बताए आते तो असलियत पता चलती।
ब्लॉक कसमंडा की ग्राम पंचायत कसमंडा 2014-15 में लोहिया गांव में चयनित हुई थी। पिछले एक सप्ताह से यहां दिन-रात काम हो रहे हैं, पर पहले ऐसा नहीं था। ग्रामीणों के मुताबिक जिन रास्तों पर कूड़ा-कचरा व गंदा पानी बहता था। वह गलियां चार दिनों में लकालक हो गईं हैं।
कमिश्नर के रात्रि विश्राम को लेकर प्राइमरी स्कूल को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। मंगलवार को भी दर्जनों पेंटर यहां के स्कूलों की रंगाई-पुताई व स्लोगन लिखते नजर आए। सीडीओ एसके सिंह, डीपीआरओ रवींद्र राय व बीएसए संजीव सिंह आदि अफसरों ने तैयारियों का जायजा लिया।
सरकारी कर्मी व अफसर गांव में घूम-घूमकर सारा कामकाज चाक-चौबंद कराने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि विकास की असल तस्वीर अगर बड़े साहब को देखनी हो तो बिना सूचना के आए।