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80 करोड़ जमा फिर भी बैंकों का खजाना खाली

Sun, 13 Nov 2016 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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करेंसी की किल्लत से बेहाल हुए लोगों को छह दिन बाद भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। रविवार को भी लोग पैसा निकालने व 1000 व 500 के नोट जमा करने में परेशान हुए। रविवार की छुट्टी के बावजूद बैंक खुले लेकिन राहत मिलती नहीं दिखी।
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बैंकों के खजाने खाली होने से लोगों को कई बार वापस लौटना पड़ा। भारी भीड़ व आपाधापी के चलते कई जगहों पर बैंक कर्मियों व उपभोक्ताओं में तकरार तक की नौबत आ गई। वहीं एटीएम भी काम नहीं कर रहे थे। कुछ जगहों पर कैश वैन रुपये डालकर जाती तो अगले ही पल वहां करेंसी खत्म हो जाती।

रविवार को जिले में लगे 50 एटीएम ही चल सके। उनमें रुक-रुककर खराबी भी आती है। जिले की बैंक शाखाओं में 80 करोड़ रुपये जमा हुए और करीब सात करोड़ रुपये निकाले जा सके। जिम्मेदार दो से तीन दिन में व्यवस्था पटरी पर आने की बात कह रहे हैं।
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नोटबंदी को छह दिन बीत चुके हैं, जिन लोगों के पास फुटकर रुपये रखे थे उन घर में भी आर्थिक तंगी होने लगी है। बीते दो दिनों से लोग रुपये पाने की आस लेकर सुबह से ही बैंकों में लाइन लगा रहे हैं पर बैंकों के बाहर भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। एटीएम उनकी उम्मीदों पर खरे ही नहीं उतरे।

शनिवार को 30 एटीएम चले तो रविवार को इसकी संख्या 50 तक पहुंच गई। बावजूद इसके एटीएम राहत नहीं दे पा रहे हैं। कभी मशीनों में कैश खत्म हो रहा था, कभी सरवर डाउन होने से समस्या आ रही है। वहीं बैंकों की शाखाओं का भी बुरा हाल था। यहां पर लोग सुबह 7 बजे से ही लाइन लगाकर खड़े थे।

इन लोगों को भी राहत नहीं मिली। कई बैंकों में समय से पहले ही कैश खत्म हो गया। इस वजह से लाइन में लगे लोगों से बैंक कर्मियों की कहासुनी भी हुई। रविवार शाम तक बैंकों की तिजोरी में करीब 80 करोड़ रुपये का कैश पहुंच गया था। जबकि भुगतान 7 करोड़ रुपये का हुआ था। बैंक अधिकारियों की माने तो दो से तीन दिनों में कैश का संकट खत्म होने वाला है। 
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