करेंसी की किल्लत से जूझ रहे लोगों को 9 दिन बाद भी राहत नहीं मिल सकी है। बुधवार को भी एटीएम के कंगाल रहने से बैंकों में अच्छी खासी भीड़ उमड़ी। नए नोट खत्म होने से कई जगहों पर हंगामा भी हुआ। इससे अफरातफरी का माहौल रहा।
वहीं पिसावां में धक्का-मुक्की के बीच पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य गेट का पिलर ढह गया। चपेट में आकर लाइन में लगे कई लोग घायल हो गए। बुधवार को पूरे जिले में करीब 70 करोड़ रुपये बैंकों के खाते में जमा हुए, जबकि 15 करोड़ रुपये निकाले और बदले गए। बैंक में नोट बदलने आने वाले लोगों की अंगुली पर स्याही लगाई गई।
8 नवंबर की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 व 1000 रुपये की नोट पर पाबंदी लगा दी थी। कुछ दिनों में बैंकों में हालात सुधरने का दवा किया जा रहा था लेकिन नौ दिन बीतने के बाद भी लोग करेंसी के करंट से परेशान हैं। बुधवार को बैंक खुले तो कतार में लगने के लिए लोगों में होड़ लग गई। कई जगहाें पर अफरातफरी रही।
पिसावां के पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लगी भीड़ इस कदर बेकाबू हुई कि बैंक के मुख्य गेट का पिलर ही ढह गया। इससे लाइन में लगी ग्राम बरम्हौला निवासी मनोरमा देवी (45) व सरवाडीह निवासी खुशीराम (35) समेत छह लोग घायल हो गए। लोगों ने आननफानन मलबा हटाकर घायलों को सीएचसी पहुंचाया।
अन्य लोगों को मामूली चोटें आईं थीं, जिसकी वजह से प्राथमिक उपचार के बाद सभी घर चले गए। उधर, स्टेट बैंक ने नोट बदलने आने वालों की अंगुली पर स्याही लगाई, जिससे एक व्यक्ति दोबारा कैश न बदल सके। जिले के एटीएम पर भी भीड़ उमड़ती रही। शहर के अधिकतर एटीएम हांफते नजर आए।
आंख अस्पताल गेट पर यूनियन बैंक, कलेक्ट्रेट परिसर में इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया एटीएम, आईडीबीआई एटीएम बंद मिले। लहरपुर, महोली, बिसवां, मिश्रिख, सिधौली, महमूदाबाद आदि तहसीलों व क्षेत्रों में कैश किल्लत रही। जहां कहीं पर कैश खत्म हो गया वहां कतार में खड़े लोगों ने हंगामा भी किया। बुधवार को मंगलवार की अपेक्षा 20 करोड़ रुपये कम जमा हुए। बुधवार को 70 करोड़ रुपये जमा हो सके, जबकि 15 करोड़ रुपये बदले व निकाले गए।