सीतापुर। जिला कारागार में रविवार को सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की टीबी रोग की जांच कराई गई। जेल के अन्य सभी बंदियों की भी जांच की गई। इस दौरान कुछ बंदियों की कोविड-19 की भी जांच हुई है।
बंदियों की टीबी जांच के लिए 22 सदस्यों की टीम जेल पहुंची थी। जेल अधीक्षक दिनेश चंद मिश्रा का कहना है कि रविवार को टीबी हारेगा, देश जीतेगा कार्यक्रम के तहत टीम ने बंदियों की जांच की है। उन्होंने बताया कि इस दौरान जेल के सभी करीब 18 सौ बंदियों की टीबी जांच कराई गई है।
सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की भी जांच कराई गई है। जेल के करीब 60 बंदियों की कोविड-19 को लेकर आरटीपीसी की भी जांच सैंपल लिए गए हैं। जेल अधीक्षक का कहना है कि जांच के लिए आई टीम ने करीब पांच घंटे तक सैंपल लिए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुसाफिर यादव ने बताया कि टीबी एवं कोविड-19 की संयुक्त टीमों द्वारा जिला कारागार बंदियों की स्क्रीनिंग की गई। जिसमें क्षय रोग के संदिग्ध 38 बंदी मिले। जिनका स्पुटम संकलित करके जिला क्षयरोग केन्द्र पर सीबी नाट की जांच के लिए भेजा गया है।
टीबी रोग से ग्रसित पाए जाने पर बंदियों का निशुल्क उपचार किया जाएगा। उपचार के दौरान 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ते के रूप में प्रदान किया जाएगा। 60 बंदियों का सैम्पल कोविड-19 की जांच के लिए भेजा गया है।
इस अवसर पर जिला कारागार अधीक्षक डीसी मिश्रा, उपजिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. शोएब अख्तर, जिला पीपीएम समन्वयक आशीष दीक्षित, जिला टीएचआईवी समन्वयक रमेश कुमार मौर्य, पंकज श्रीवास्तव, आशीष टंडन आदि मौजूद रहे।