सीतापुर। सीतापुर-बरेली फोरलेन बनाने को लेकर चल रहे निर्माण कार्य की सुुस्त रफ्तार और हाईवे पर पग-पग पर बने जानलेवा गड्ढे की खबर छपने के अलगे ही दिन एनएचएआई के जिम्मेदार जाग गए। पैचिंग कराकर सड़क पर गड्ढों को भर दिया है। इससे हाईवे पर सफर करने वालों को थोड़ा राहत जरूर मिली है।
सीतापुर से बरेली की दूरी करीब 157 किमी. है। 2009 से नेशनल हाईवे-24 को फोरलेन बनाने का काम चल रहा है, लेकिन तमाम वजहों और जिम्मेदारों की उदासीनता से काम अभी अधर में अटका है। हाईवे पर अधूरे ओवरब्रिज बनाकर छोड़ दिए गए हैं। जगह-जगह सड़क उखड़ी पड़ी है। लोगों को चलना तक दूभर है। ट्रक से लेकर कार और बाइक सवारों तक को समस्या झेलनी पड़ती है।
सबसे बुरा हाल सीतापुर से महोली के बीच का है। इससे भी खतरनाक सड़क रामकोट इलाके में हाईवे पर ही पड़ने वाली कटीली चौकी के सामने की सड़क थी, जहां पर करीब 500 मीटर की दूरी में गड्ढे ही गड्ढे थे। ये समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। चौकी के ठीक सामने मिट्टी डाल दी गई थी, जिससे लोगों को भारी समस्या झेलनी पड़ती थी।
बारिश में वाहन कीचड़ में धंस जाते हैं और मौसम सही रहने पर धूल उड़ने से परेशानी होती थी। इस समस्या को सोमवार के अंक में अमर उजाला ने ‘हाईवे पर 24 किमी. के सफर में 1400 गड्ढे’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद एनएचएआई के जिम्मेदार हरकत में आए और अगले ही दिन बड़े-बड़े गड्ढों को भरने काम शुरू कर दिया।
खासकर कटीली चौकी के पास जर्जर पूरी सड़क को पैचिंग कराकर गड्ढे भर दिए हैं। चौकी के ठीक सामने, जिस जगह पर मिट्टी डाली गई थी, वहां पर डामर डालकर सड़क बना दी गई है, ताकि वाहन बारिश में मिट्टी में न धंसे।
बारिश होते ही बढ़ेगी परेशानी
जिम्मेदारों ने भले ही सड़क पर गड्ढों को भरने और जर्जर सड़क की मरम्मत कराने का काम कर दिया, लेेकिन अभी बारिश में समस्या फिर से खड़ी हो जाएगी। वजह, बारिश के दौरान सड़क पर ओवरलोड ट्रक भारी भरकम सामन लेकर गुजरेंगे। इससे बारिश में पैचिंग उखड़ कर सड़क पर गिट्टी बिखर जाएगी। सड़क पर बजरी होने से बाइक सवारों के फिसलकर गिरने की आशंका बढ़ जाएगी।