जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को जिले के तीन पेट्रोल पंपों पर छापा मारा। इस दौरान अटरिया कस्बे के शिव फीलिंग स्टेशन पर टीम को मशीन से छेड़छाड़ के सुबूत मिले हैं। अधिकारियों ने मशीन में लगी पल्सर डिस्क को कब्जे में ले लिया है। साथ मशीन सील कर दी है।
सिधौली एसडीएम शेरी, जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह, बांट माप अधिकारी मुकुल उपाध्याय, सीओ अजीत कुमार ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों व इंजीनियरों के साथ सिधौली के महेश्वरी सर्विस स्टेशन पर छापेमारी की।
यहां पर करीब दो घंटे तक मशीनों की जांच की, लेकिन किसी भी तरह की खामी नजर नहीं आई। इसके बाद टीम ने सीतापुर-लखनऊ सीमा पर मौजूद अटरिया के शिव फीलिंग स्टेशन पर छापेमारी की। यहां पर तीन मशीनें लगी हुईं थीं।
अधिकारियों की टीम ने मशीनों से तेल नापने के साथ ही उनके पुर्जे चेक किए। इंजीनियरों ने जब एक मशीन के पैनल खोले, तो उसकी डिवाइस में छेड़छाड़ के प्रमाण मिले। अधिकारियों का कहना है कि पल्सर डिस्क (तेल की माप बताने वाली डिवाइस) संदिग्ध मिली।
इस डिस्क को जब चेक किया गया, तो उसमें छेड़छाड़ के प्रमाण मिले हैं। अधिकारियों ने संदेह जताया कि हो सकता है कि पहले इस मशीन में चिप का इस्तेमाल होता रहा हो। अभियान के दौरान चिप निकाल ली गई हो।
इंजीनियरों ने मशीन से पल्सर डिस्क निकाल ली है और मशीन को सील कर दिया है। पल्सर डिस्क को अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले लिया है। उसे जांच के लिए भेजा जाएगा। उधर, पंप संचालक शिव भगवान ने बताया कि इस मशीन में यह डिस्क कंपनी से ही लगकर आई थी। अधिकारियों ने अटरिया के ग्राम नीलगांव स्थित किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप पर छापेमारी की। करीब 2 घंटे तक जांच की। लीटर में तेल नापा, मशीनों के पुर्जे चेक किए। इस दौरान कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।