नोटबंद होने के 16 दिन बाद भी लोग परेशान हैं। बैंकों व एटीएम के बाहर लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। हालांकि बुधवार को बैंकों में भीड़ कुछ कम दिखी पर एटीएम अब भी लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं।
लोग रुपये जमा करने के लिए बड़ी नोटों के अलावा छोटी नोट भी ला रहे हैं। लिहाजा, करेंसी की किल्लत सुधरने की उम्मीद जगी है। उधर, ग्रामीण इलाकों में अब भी बैंकों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को घंटों तक भुगतान पाने को खड़े रहना पड़ रहा है। कई शाखाओं में कैश खत्म होने का हवाला देकर लोगों को लौटाया जा रहा है। शादी-विवाह वाले घरों में सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है।
नोटबंदी से आ रही परेशानियां धीरे-धीरे कम हो रही हैं। शहर की बैंकों के बाहर सड़क तक लगने वाली लंबी कतारें अब थोड़ा कम हुई है। लाइन सिमटकर अब बैंक परिसर में ही लग रही है। बड़ी नोट जमा करनी की आपाधापी कम होने से हालात सुधर रहे हैं।
हालांकि कुछ शाखाओं में अभी भी अव्यवस्था है पर सुकून की बात यह है कि लोग सौ व दस के नोट भी जमा करने पहुंच रहे हैं। उधर, जिले में एटीएम सेवा का हाल बुरा है। 102 एटीएम में से महज 20 ही चल रहे हैं। कैश भरने के कुछ ही घंटे बाद एटीएम कंगाल हो जाते हैं। इससे लोगों को परेशानियां हो रही हैं। बैंक से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि एटीएम के 500 व 2000 के नए नोट के लायक अपग्रेड होने तक ऐसी ही आपाधापी रहेगी।