सीतापुर। सिधौली कस्बे में तीन दिन पहले निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले में आशा कार्यकर्ता की पहचान हो गई है। आशा के कहने पर गर्भवती को वहां भर्ती कराया गया था। आशा की बर्खास्तगी की कवायद स्वास्थ्य विभाग ने तेज कर दी है।
अटरिया कस्बा निवासी विवेक शुक्ल अपनी चार माह की गर्भवती पत्नी मानसी को सीएचसी सिधौली ले गए थे। बेहतर इलाज का झांसा देकर आशा ने किंग अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान मानसी की मौत हो गई थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया था। सीएचसी अधीक्षक सिधौली डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि तहरीर में परिजनों ने अनीता नाम दिया था। परिजनों को वीडियो व फोटो दिखाई गई तो उन्होंने पहचान की। आशा सोनावती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सोनावती ही पीड़िता को निजी अस्पताल ले गई थी। दो सप्ताह बाद होने वाले बैठक में डीएम के सामने बर्खास्तगी का प्रस्ताव रखा जाएगा।