लहरपुर(सीतापुर)। कस्बे में एक आशा ने कुछ पैसों के लालच में प्रसूता को अपने घर ले जाकर प्रसव कराया और उसकी लापरवाही से नवजात की जान चली गई। आक्रोशित परिजनों ने प्रदर्शन किया तो आशा ताला बंद करके अपने साथियों के साथ भाग गई। पुलिस ने संभावित कई जगहों पर छापेमारी की। स्वास्थ्य विभाग ने आशा के खिलाफ कार्रवाई की कवायद तेज कर दी है।
ग्राम केसरीगंज निवासी रंजीत वर्मा ने पुलिस व सीएचसी अधीक्षक से शिकायत की। आरोप लगाया है कि भाई दीपक वर्मा ने सोमवार को पत्नी लल्ली देवी को प्रसव के लिए काजीटोला में आशा बहू नरगिस से संपर्क किया था। आशा अपने मकान में चोरी छिपे कुछ अप्रशिक्षित लोगों को बुलाकर प्रसव कराती है। यह खेल कई माह से चला आ रहा है। लल्ली देवी को प्रसव के बाद पुत्र का जन्म हुआ।
विज्ञापन
इस दौरान नवजात की तबियत खराब होने लगी तो नरगिस ने बच्चे को दूसरी जगह ले जाने की बात कही। इसी बीच नवजात की मौत हो गई। पति ने आरोप लगाया कि बच्चे की मौत लापरवाही से हुई है और इसकी जिम्मेदार नरगिस व उसके यहां काम करने वाली महिला है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद वाजपेयी ने बताया कि नरगिस ग्राम तारनपुर की आशा है। चोरी छिपे काजीटोली में अपने आवास पर प्रसव कराने की शिकायत मिली है। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम तारनपुर गई थी। लेकिन घर बंद मिला।
कोतवाली प्रभारी विजयेंद्र सिंह ने बताया कि प्रार्थना पत्र मिला है। जांच करके कार्रवाई की जा रही है।