दोनों ही अफसरों को लापरवाही के आरोप में निलंबित करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं। आयोग ने बाकायदा डीएम को पत्र जारी कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
पहले चरण यानी नौ अक्तूबर को जिले के गोंदलामऊ विकास खंड में डीडीसी व बीडीसी की मतदान प्रक्रिया अपनाई गई थी। यहां के प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर के कक्ष संख्या दो में बीडीसी के गलत मतपत्र आ गए थे। पोलिंग पार्टी ने गलत मत्रों पर मतदान भी करा दिया।
दो घंटे चली मतदान प्रक्रिया मतदाताओं के शिकायत के बाद एआरओ व पीठासीन अफसर स्तर पर ही सही कर ली गई पर इसकी सूचना उच्च अफसरों को नहीं दी गई और मतदान प्रक्रिया पूर्ण कर ली। नरायनपुर गांव के ही जितेंद्र सिंह ने इसकी शिकायत आयोग से की, तब मामला तूल पकड़ा।
आयोग ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक भी माना और इस मामले में कई सवाल उठाते हुए दोषियों की लापरवाही सिद्ध कर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इस पर जिला प्रशासन ने मामले में रि-पोल की सिफारिश करते हुए दोषी सहायक निर्वाचन अधिकारी, पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार, पीठासीन अधिकारी/सहायक अध्यापक माध्यमिक विद्यालय बौनाभारी सिधौली अशोक कुमार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।
साथ ही डीएम ने इसकी सूचना आयोग को भेजी थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने इस मामले में दोनों दोषियों को निलंबित कर उनके विरूद्घ अनुशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने तीन दिन में इसकी सूचना आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।