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सीएचसी में नहीं एंटी रैबीज, मरीज परेशान

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जिला अस्पताल में इजेक्शन कक्ष में रैबीज का इजेक्शन लगवाता बच्चा। - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रैबीज इंजेक्शन का स्टॉक समाप्त हो गया है। इससे मरीज रोजाना बिना इंजेक्शन के लौट रहे हैं। वह दूरदराज इलाके से जिला अस्पताल पहुंच इंजेक्शन लगवा रहे हैं। इससे उनको अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में भी एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है।
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कुत्ता, बंदर व बिल्ली के काटने पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया जाता है। यह इंजेक्शन सीएचसी पर मरीजों को निशुल्क लगाया जाता है।
लेकिन जिले में कई सीएचसी पर इसका स्टॉक पूरी तरह से समाप्त हो गया है। सीएचसी मिश्रिख, सीएचसी खैराबाद, सीएचसी कसमंडा व सीएचसी महमूदाबाद में एंटी रैबीज का पिछले एक सप्ताह से स्टॉक समाप्त हो चुका है। जबकि यहां पर रोजाना 10 से 15 मरीज आते हैं। इनको एंटी रैबीज इंजेक्शन की जरूरत होती है। ऐसे में यहां पर आने वाले मरीजों को लौटा दिया जाता है। इसके अभाव में मरीज सीधे जिला अस्पताल जाते हैं। कोई 30 तो कोई 50 किलोमीटर दूर चलकर आता है।
सीएचसी अधीक्षकों का कहना है कि इसकी जानकारी सीएमओ को दी गई है। लेकिन जिले स्तर पर भी इसका स्टॉक नहीं बचा है। इन हालातों में मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही है। जिला अस्पताल ही मरीजों का एक मात्र सहारा बचा है।
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‘40 किमी. की तय करनी पड़ रही दूरी’
सुजावलपुर निवासी राजमती ने बताया कि दो दिन पहले गांव में एक बंदर ने काट लिया था। उसके बाद सीएचसी खैराबाद इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे। वहां पर सीतापुर जिला अस्पताल जाने को कहा गया। जलालपुर निवासी अनमोल सिंह ने कहा कि गांव में कुत्ते ने काट लिया था।
सीएचसी पर इंजेक्शन लगवाने के लिए गए थे। लेकिन अधीक्षक ने इंजेक्शन न होने की बात कहकर वापस कर दिया। अब जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवा रहा हूं। नैमिषारण्य निवासी अमरदेई ने बताया कि नैमिषारण्य जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर है। सीएचसी मिश्रिख गए थे, लेकिन वहां पर कोई सुविधा नहीं मिली। तुलसीपुर रामकोट निवासी मथुरा प्रसाद ने बताया कि सीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन न होने से दिक्कतें आ रही है। इसकी वजह से जिला मुख्यालय आना पड़ता है। इससे समय अधिक खर्च हो रहा है।
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