सीतापुर। कम्युनिटी हेल्थ वर्कर (सीएचओ) के हड़ताल पर जाने से ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवा को पटरी पर कायम बनाए रखने के लिए शासन ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की जिम्मेदारी एएनएम को सौंपने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कामकाज में लापरवाही बरतने के मामले में सीएमओ ने तीन सीएचओ को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सीएचओ अहम भूमिका निभाते हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना, बीमारियों की पहचान करना और जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की निगरानी, प्रसव पूर्व देखभाल, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में सहयोग व टीकाकरण कार्यक्रमों के समन्वय की जिम्मेदारी भी इनके जिम्मे होती है। इसके साथ ही सीएचओ आशा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय आदि का काम भी करते हैं।