पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही से जिले में 225 अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को फ्री में बिजली मिलेगी। विद्युत नियामक आयोग के इस फैसले से उपभोक्ताओं में खुशी है पर अधिकारी अभी आदेश न होने की बात कह रहे हैं। बिजली कंपनियां बिना मीटर तथा खराब मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए 155 यूनिट प्रति किलोवॉट प्रतिमाह की खपत तय करते हुए नॉरमेटिव बिलिंग कर रही हैं।
इस पर आयोग ने कड़ा रूख अपनाते हुए 29 मई को आदेश जारी किया था कि अगर दो माह में इन सभी उपभोक्ताओं के यहां मीटर नहीं लगाए जाते हैं तो बिजली कंपनियां उनसे बिजली का बिल नहीं वसूल सकेंगी। बिलिंग प्रणाली को लेकर पावर कॉर्पोरेशन वर्ष 2014 से अभियान चला रहा है। जिसके तहत शहरी उपभोक्ताओं को शत प्रतिशत मीटर से बिलिंग करनी है।
आरएपी-डीआरपी योजना को लेकर यह अभियान चलाया जा रहा र्है। यही नहीं कोई भी नया कनेक्शन बिना मीटर के न देने के भी कडे़ निर्देश लागू होने के बाद भी शहर में करीब 225 ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें बगैर मीटर के बिजली आपूर्ति मुहैया हो रही है।
विद्युत नियामक आयोग ने 21 जुलाई तक प्रदेश के समस्त शहरी उपभोक्ताओं को मीटरिंग बिलिंग प्रणाली से आच्छादित करने के निर्देश दिए थे। फिर भी शहर में 225 के करीब ऐसे उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें कवर नहीं किया जा सका। अब नियामक आयोग के निर्देशों के तहत ये उपभोक्ता फ्री बिजली का लाभ उठाएंगे।
हालांकि पावर कॉर्पोरेशन ने मीटर लगाने की समय सीमा छह माह बढ़ाने के लिए आयोग में याचिका दायर की है लेकिन इस पर अभी तक कोई निर्णय न होने से अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने संबंधी आदेश लागू होना तय माना जा रहा है।