मंडलायुक्त महेश कुमार गुप्ता ने शासन के नोडल अफसर के तौर पर जिले में अगस्त 2014 से जून 2015 तक आठ निरीक्षण किए हैं। निरीक्षण के साथ ही जिला स्तरीय अफसरों के साथ समीक्षा बैठकें भी आयोजित की गई थी।
सोमवार को नवीं बार जिले के दौरे पर आए मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक में अब तक के दौरों की जो निरीक्षण टिप्पणियां भेजी गई थी, उनकी अनुपालन आख्या की प्रगति रिपोर्ट तलब की गई, जिसमें खामियां ही खामियां मिली।
इससे नाराज मंडलायुक्त का पारा सातवें आसमान पहुंच गया। समीक्षा बैठक को निरस्त कर मंडलायुक्त विकास भवन के समस्त कार्यालयों का निरीक्षण कर वापस चले गए।
यही नहीं उन्होंने सात अगस्त को अनुपालन आख्याओं को लेकर समीक्षा बैठक भी निर्धारित कर दी, जिसमें वह स्वयं प्रतिभाग कर आख्याओं का परीक्षण करेंगे। मंडलायुक्त की नाराजगी का असर सोमवार को विकास भवन में दिखा।
सीडीओ एसके सिंह ने अनुपालन आख्याओं को लेकर अफसरों व कार्मिकों की बाकायदा ड्यूटी लगाकर छह अगस्त तक उनका परीक्षण व उनको कम्प्यूटर में अपलोड किये जाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
यही नहीं प्रतिदिन इस कार्य को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में सायं सात बजे बैठक भी किए जाने का फरमान सुनाया है। अफसरों में मंडलायुक्त की नाराजगी व आगामी दौरे को लेकर भय का माहौल बना हुआ है।