सीतापुर। पूर्व में जिन ग्राम पंचायत में मनरेगा से अमृत सरोवर बन गए थे, उनके अलावा जो ग्राम पंचायतें मानक पूरा करती हैं, वहां अब अमृत सरोवर बनाया जाएगा।इसके लिए स्थल चयन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। स्थल चयन के बाद संबंधित ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर के निर्माण संबंधी कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
मनरेगा से ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण कराया जाता है। इसमें पंचायत की भी धनराशि खर्च की जाती है। जिले में 1588 ग्राम पंचायतें हैं। शासन की मंशा है कि मानक पूरे करने वाली सभी ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण हो जाए।
पूर्व में चयन तो अधिक ग्राम पंचायतों का किया गया था, लेकिन 461 अमृत सरोवर विभागीय वेबसाइट पर पूरे दिखाए जा रहे हैं। जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक अमृत सरोवर नहीं बन सके हैं, उनमें इनका निर्माण कराए जाने के लिए शासन ने निर्देश दिए हैं।
इसके तय फार्मेट पर सूचना भी भेजी जानी है। इसके लिए विभाग से कार्रवाई शुरू की जा रही है, जिससे ग्राम पंचायतों में अमृत सराेवर का निर्माण हो सके। एपीओ मुख्यालय विकास सिंह और दिलीप शुक्ला ने बताया कि अमृत सरोवर के मानकों पर खरी उतरने वाली ग्राम पंचायतों में स्थल चयन के बाद निर्माण संबंधी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अमृत सरोवर बनाने के लिए होंगे ये कार्य
एपीओ दिलीप शुक्ला बताते हैं कि अमृत सरोवर बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन होनी चाहिए। संबंधित स्थल पर तालाब के साथ पौधरोपण किया जाएगा। पाॅथवे बनेगा। शर्त यह है कि बनने वाले सरोवर में 10 हजार क्यूसेक मीटर पानी की क्षमता होनी चाहिए। सरोवर का पानी स्वच्छ रखने के लिए पानी जाने और निकलने का रास्ता बनेगा। अन्य कार्य भी कराएं जाएंगे।