कमलापुर (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात हाईवे पर मरीज को लेकर जा रही एक एंबुलेंस ट्रक से टकरा गई। हादसे में एंबुलेंस सवार दो बहनों समेत तीन की मौत हो गई। वहीं घायल अन्य दो का इलाज चल रहा है।
नेशनल हाईवे पर सिंह ढाबा के पास जिला मुख्यालय की ओर जा रही एक एंबुलेंस शुक्रवार देर रात करीब दो बजे सड़क किनारे एक ट्रक से टकरा गई। हादसे में शहर कोतवाली के मोहल्ला तामसेनगंज निवासी किरन (45) व लखीमपुर जिले के कम्हरिया निवासी रवि (20) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में किरन का पुत्र सूरज (25), रायबरेली के गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र के गांव लबदेईका पुरवा निवासी चालक सूरज (40) और रामकोट के हलुवापुर निवासी किरन की बहन गुड्डी (50) घायल हो गई। पुलिस ने तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने गुड्डी को मृत घोषित कर दिया। वहीं सूरज को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
एसओ कृष्णबली सिंह ने बताया कि किरन का इलाज लखनऊ में चल रहा था। परिजन उसे वापस अपने घर ले जा रहे थे। घटना कैसे हुई इसकी जांच की जा रही है। शवों काे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
लंबे समय से कई बीमारियों से पीड़ित थी किरन
सूरज की मानें तो मां किरन काफी समय से बीमार थीं। शुगर के साथ ही टाइफाइड हो गया था। काफी समय से लखनऊ के एक अस्पताल में वह भर्ती थीं। सूरज ने बताया कि इलाज से फायदा नहीं हो रहा था। इस पर लखीमपुर के एक चिकित्सक के यहां ले जा रहे थे। एक दिन सीतापुर स्थित घर में रुकते और उसके बाद लखीमपुर जाते लेकिन शुक्रवार देर रात हादसे में ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मां, मौसी व साले की मौत से टूटा गमों का पहाड़
हादसे से सबसे ज्यादा सदमा सूरज को लगा है। रो-रोकर उसका बुरा हाल है। मरहम-पट्टी कराने के बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंचा। एक ही क्षण में उसके तीन रिश्ते खत्म हो गए। एक ओर जहां मां किरन की मौत हो गई। मौसी गुड्डी और साले रवि ने भी हादसे में दम तोड़ दिया। उसने बताया कि जब हादसा हुआ तो उसकी आंखों के सामने अचानक से अंधेरा छा गया। उस एंबुलेंस में एक हेल्पर भी था। जिसका कोई पता नहीं चल सका है। जब उसे होश आया तो पूरा परिवार उजड़ चुका था।