प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुधारना सबकी जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग से ही कानून व्यवस्था सुधर सकती है। पत्रकारों की ओर से बिगड़ती कानून व्यवस्था के सवाल पर राज्यपाल राम नाईक ने यह जवाब दिया।
वह यहां हिंदी सभा के हीरक जयंती कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। राम गोपाल यादव के बयानों का जवाब देने से वह बचते नजर आए। प्रदेश में हत्या, लूट, दंगे जैसी बढ़ती वारदातों के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि अकेले सरकार कुछ नहीं कर सकती, कानून व्यवस्था को सुधारने में पूरे प्रदेश की जनता का सहयोग जरूरी है।
कहा कि मैं प्रदेश का राज्यपाल होने के नाते प्रदेश की जनता से अपील करता हूं कि सभी आपसी भाईचारा बनाएं रखने में सहयोग करें। भूमि विवाद, आपसी कहासुनी को लेकर लोग एक-दूसरे की जान लेने पर आमादा हो जाते हैं।
ऐसे मामलों को आपस में ही सुलझा लें, कोई ऐसे काम न करें, जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो। जब सभी मिलकर सहयोग करेंगे, निश्चित ही कानून व्यवस्था में सुधार नजर आएगा।
उन्होंने कहा कि देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को देखते हुए इस बार प्रदेश सरकार अवकाश की घोषणा कर सकती है। यह एक सराहनीय कदम होगा। सरदार पटेल एकता, अखंडता व भाईचारे के प्रतीक हैं।
उन्होंने हमेशा एकता का संदेश दिया है। पत्रकारों ने राज्यपाल से सवाल किया कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने आपको केंद्र सरकार में मंत्री बनाने को कहा है।
इस पर वह बोले कि जिस पद पर मैं आसीन हूं, इसकी एक गरिमा होती है। राम गोपाल यादव एक राजनीतिक पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने जो कुछ भी कहा होगा, पार्टी हित के लिए और राजनीतिक फायदे के लिए कहा होगा। इसलिए वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।