शिक्षामित्रों के हित के लिए कोई भी अभी तक ठोस रणनीति नहीं, बल्कि उनके भविष्य को राजनीति की भेंट चढ़ाने पर सभी अमादा हैं, इसलिए शिक्षामित्रों के चेहरे पर चिंता की लकीरे साफ दिख रही है। यह बात आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला संयुक्त मंत्री देवेंद्र कश्यप ने कही।
ब्लॉक संसाधन केंद्र संदना में आयोजित शिक्षामित्रों की बैठक में शिक्षामित्रों की नौकरी पर आन पड़े संकट मसले पर राय मशविरा कर आगे की रणनीति तैयार की गई। बाद में उन्होंने सभी से एकजुटता का आह्वान किया।
कहा कि सभी लोग संगठित होकर रहें, तभी शिक्षामित्रों को अपना हक मिल पाएगा। वरना यह कार्य कतई संभव नहीं है। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के ब्लॉक महामंत्री संदीप बाजपेई ने कहा कि अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए शिक्षामित्र दिल्ली में जमा होंगे और एनसीटीई को शिक्षामित्रों के हित में कदम उठाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
ब्लॉक अध्यक्ष रामसेवक पाल, अम्बादत्त तिवारी, सिद्धार्थ सिंह, प्रहलाद रावत, विनय सिंह, विमलेश आदि मौजूद रहे। वहीं मिश्रिख ब्लॉक संसाधन केंद्र पर मंगलवार को अपने हक के लिए शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया और वहीं पर बैठकर एक दिनी धरना दिया।
शिक्षामित्रों ने ऐलान किया कि जब तब उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों का आंदोलन इसी तरह से जारी रहेगा। जब तक शिक्षामित्रों को न्याय नहीं मिलता, शिक्षामित्र इसी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध जताते रहेंगे। सुषमा तिवारी ने कहा कि शिक्षामित्र दिल्ली तक आंदोलन करेंगे।