सीतापुर। बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल के कारण जिले के सभी 110 एटीएम शनिवार को कैशलेस हो गए। खाताधारक एक एटीएम से दूसरे पर भागदौड़ करते रहे, लेकिन उन्हें कैश नहीं मिला। रविवार को एटीएम में कैश नहीं डाला जाएगा। इससे रविवार को भी लोग कैश की किल्लत से जूझेंगे। सोमवार को बैंकों के खुलने पर ही लोगों को राहत मिलेगी।
शनिवार को बैंककर्मी अपनी लंबित मांगों को लेकर दो दिन से हड़ताल पर है। इससे जिले की 320 बैंक शाखाओं में पूर्ण रूप से कामकाज बंद है। बैंक कर्मी अपना कार्यालय छोड़कर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार दो दिन की हड़ताल से कैश की किल्लत उत्पन्न हो गई। जिले में करीब 110 एटीएम है। शुक्रवार को ही दूरदराज इलाकों के एटीएम कैशलेश हो गए थे।
शनिवार को शहर के कुछ एटीएम में कैश था। इससे लोग सुबह ही इन एटीएम पर पहुंच गए। इससे यहां पर लंबी-लंबी लाइनें लग गई। कुछ ही देर में यहां पर भी कैश समाप्त हो गया। इससे लोग दूसरे एटीएम की तरफ भागे। वहां पर भी कैश नहीं मिला। यह समस्या खाताधारकों को सोमवार दोपहर तक उठानी पड़ेगी।
हड़ताल से 1500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
यूनाइटेड फोरम ऑफ यूनियर्स के बैनर तले राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण बैंक व सहकारी बैंक के अफसर व कर्मचारी इलाहाबाद बैंक मंडलीय कार्यालय के सामने सुबह इकट्ठा हुए। लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार पर बैंक कर्मियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा केंद्र सरकार लगातार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा दे रही है।
इससे बैंककर्मी पर भार अधिक बढ़ता जा रहा है। सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। ऑल इंडिया इलाहाबाद बैंक आफीसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश कुमार पांडेय ने कहा ढाई साल से लंबित वेतन पुनरीक्षण, पेंशन पुनरीक्षण, पुरानी पेंशन योजना व पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को पूरा किया जाए। बैंक कर्मियों ने इलाहाबाद बैंक परिसर से आंख अस्पताल रोड़ पर स्थित बैकों तक जुलूस निकाला।
निजी बैंकों को भी बंद कराने का प्रयास किया। दो दिन हड़ताल से करीब 1500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। इस अवसर पर मंत्री अंजनी कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष रंजीत कुमार दास, पंजाब नेशनल बैंक के प्रकाश मिश्र, एसबीआई के रीजनल मंत्री अदनान रसूल, शिवकुमार, अनुज, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।