सीतापुर। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश से जिले के गांजर में तराई क्षेत्र के हालात एक बार फिर से बिगड़ने लगे हैं। बैराजों से सोमवार को छोड़े गए 2,96,576 क्यूसेक पानी ने गांजर में खतरे की घंटी बजा दी है। संभावित बाढ़ को लेकर लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
बिसवां एसडीएम ने सोमवार को रेउसा इलाके का जायजा लिया। तटवर्ती गांवों में एसडीएम ने अलर्ट जारी किया है।
रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार पिछले चार दिनों से बारिश के चलते तटबंध व नदी के बीच बसे प्यारेपुरवा, अंगरौरा, अखरी, बलेसरपुरवा व निरंजपुरवा आदि गांवो में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। इन गांवों के घरों में दो से तीन फीट तक जलभराव हो गया है। प्यारेपुरवा गांव जाने वाला मार्ग पानी में डूब गया है। जिससे आवागमन में लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। तटबंध पर शरण लिए लोग जरूरी सामग्री लाने को अपने घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई अन्य मार्गों पर भी रेन कट बन गए हैं।
रेउसा प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को घाघरा व शारदा के जलस्तर में बढ़ोतरी होती देख तटीय क्षेत्र के बाशिंदों की धड़कने तेज हो गई हैं। निचले क्षेत्रों में भारी बारिश ने बाढ़ सरीखे हालात बना दिए हैं। गुरगुजपुर से जंगल टपरी मार्ग पर बनी पुलिया के ऊपर पानी बह रहा है। लगातार बारिश से मारूबेहड़ मार्ग और सीतापुर बहराइच हाईवे गड्ढों में तब्दील हो गया है।
बिसवां एसडीएम पीएल मौर्य ने सोमवार को सरयू के किनारे बसे पासिनपुरवा और गार्मीपुरवा आदि गांवाें का भ्रमण कर हालातों का जायजा लिया। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि अभी बाढ़ का खतरा टला नही है। इसलिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बारिश बहा ले गई तटबंध की मिट्टी
भारी बारिश के चलते गनेशपुर से बाराबंकी तक करीब 54 किमी लंबे तटबंध पर कई जगह रेनकट बन गए हैं। इससे तटबंध के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। रामपुर मथुरा क्षेत्र में ग्राम अंगरौरा के पास तेज बारिश से तटबंध का एक बड़ा हिस्सा कटकर बह गया है। वहीं, रेउसा क्षेत्र में कई जगह पर तटबंध की मिट्टी कटकर बह जाने खतरनाक गड्ढे हो गए हैं।
एहतियातन जारी किया अलर्ट
नदियों के जलस्तर में मामूली इजाफा हुआ है। हालांकि नदियां अपने दायरे में बह रही हैं। बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है। तटबंध पर रेनकट दुरुस्त करने के निर्देश विभागीय अफसरों को दिए गए हैं।
- पीएल मौर्य, एसडीएम बिसवां