सीतापुर। आगामी 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया है और इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इन दिनाें 10 ग्राम सोने का भाव 97,700 रुपये और चांदी 98 हजार रुपये किलो है। हालांकि इस बार अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार में महंगाई का असर साफ नजर आ रहा है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक महंगाई के चलते सहालग में कारोबार 70 फीसदी तक कम हो गया है। महंगे सोने के कारण ग्राहक हल्के आइटम पसंद कर रहे हैं। अक्षय तृतीया से भी कारोबार में रौनक आने की उम्मीद नहीं है।
आचार्य रमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 29 अप्रैल की शाम 5:31 बजे शुरू हो रही है। अगले दिन 30 अप्रैल को दोपहर 2:12 बजे पर यह तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में बृहस्पति के साथ और सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होंगे। फलस्वरूप गजकेसरी, लक्ष्मी नारायण व मालव्य राजयोग और रवि, चतुर्ग्रही तथा सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। यह दुर्लभ संयोग अत्यंत शुभदायक हैं।
इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। नया वाहन खरीदना, नई जमीन खरीदना, शेयर मार्केट में निवेश करना, नया बिजनेस शुरू करना भी अक्षय तृतीया के दिन लाभकारी होता है। इस विशेष दिन को लेकर सराफा बाजार में हर साल काफी उत्साह देखने को मिलता था। लेकिन इस बार सोने पर रिकॉर्ड महंगाई से सराफा बाजार की रौनक गायब है।
अक्षय तृतीया पर होता है अबूझ मुहूर्त
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। अक्षय तृतीया पर ही मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर आई थीं। इसी दिन श्रीहरि विष्णु के अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। अक्षय तृतीया तिथि का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। अक्षय का तात्पर्य है कि ऐसी तिथि है जिसका कोई क्षय न हो। अक्षय तृतीया एक ऐसा अबूझ मुहूर्त है जिसमें बिना किसी मुहूर्त या ग्रह दशा देखे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
पितरों को मिलता है मोक्ष
आचार्य सदानन्द द्विवेदी ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन स्नान, ध्यान, जप-तप करना, हवन करना, स्वाध्याय और पितृ तर्पण करने से पुण्य मिलता है। अक्षय तृतीया के पावन दिन पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है।
पूजन का शुभ मुहूर्त:
सुबह 5:41बजे से दोपहर 12:18 बजे तक
सोना खरीदने का शुभ समय
सुबह 5:41 बजे से दोपहर 2:12 बजे तक
इस बार सराफा बाजार से गायब है रौनक
व्यापारी रंजीत रस्तोगी ने बताया कि कारोबार सोने पर महंगाई के चलते 80 फीसदी तक कम हो गया है। अक्षय तृतीया पर ग्राहक वापस न लौटें इसलिए हल्के आइटम बनवाए हैं। अतुल टंडन का कहना है कि इस बार यह पर्व हल्के में ही निपटने की ज्यादा संभावना है। हर साल पहले से बुकिंग मिल जाती थी। इस बार कोई बुकिंग नहीं मिली है। प्रियांशु रस्तोगी ने बताया कि महंगाई के चलते ग्राहक नहीं आ रहे हैं। शादी के लिए जिन्हें आभूषण खरीदना है वह भी हल्के आइटम ले रहे हैं। शादी में सोने-चांदी के आभूषण का उपहार देने का चलन तो महंगाई ने खत्म ही कर दिया है। अमित पुरी ने बताया कि सोने पर महंगाई से बिक्री पर असर पड़ा है।