सीतापुर। जिले की बिसवां तहसील के अंतर्गत आने वाली अज्जेपुर झील को ईको टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग ने दो करोड़ 67 लाख रुपये की विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेजी है। शासन से मंजूरी मिलते ही यहां कार्य शुरू हो जाएगा।
जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर बिसवां तहसील क्षेत्र में अज्जेपुर झील है। लगभग 92 हेक्टेअर में फैली इस झील में सर्दी के दिनों में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। इन प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए पर्यटक पहुंचते तो हैं, लेकिन इनकी संख्या बेहद कम होती है। अब इस झील को ईको टूरिज्म स्पॉट के तौर पर विकसित किया जाएगा।
ये झील तीन गांवों अज्जेपुर, सालपुर और नकहा में आती है। यहां विकास कार्य होने से प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ेगी तो पर्यटन बढ़ने पर स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही आसपास के गांवों में भूजल स्तर सुधरेगा। इसके लिए यहां झील को और गहरा किया जाएगा।
झील के आसपास स्थित वाच टावर की मरम्मत कराई जाएगी। परियोजना के तहत ग्रास लैंड मैनेजमेंट और पगडंडी के निर्माण की व्यवस्था भी की गई है। झील से जलकुंभी हटाने के लिए सफाई कार्य होगा और वन चेतना केंद्र की मरम्मत कराई जाएगी।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए झील में घूमने की व्यवस्था भी रहेगी। इसके लिए स्टीमर और बोट खरीदने का प्रस्ताव भी किया गया है। जीपीएस और पांच डिजिटल कैमरे भी यहां होंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए कैंटीन भी बनाई जाएगी। एक गोल हट यहां पहले से बनी हुई है। इसकी मरम्मत के साथ ही सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा। झील के किनारे सीढ़ियां भी बनाईं जाएंगी।
प्रवासी पक्षियों के साथ ही सामान्य दिनों में आने वाले स्थानीय पक्षियों के लिए झील के किनारे जगह-जगह स्टैंड बनवाए जाएंगे। झील के अंदर पक्षियों के बैठने के लिए हाईलैंड्स का निर्माण भी होगा। इसी परिसर में अलग-अलग वन्यजीवों का सीमेंटेड प्रतिरूप भी रहेगा।
प्रभागीय निदेशक वन ब्रजमोहन शुक्ल ने बताया कि अज्जेपुर झील को ईको टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने की तैयारी की गई है। शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। कुछ कार्य प्राथमिक स्तर पर कराए जा सकते हैं, उन्हें शुरू करा दिया गया है। शासन से बजट मिलते ही बाकी के कार्य शुरू कराए जाएंगे।