लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में वैल्यू एडेड के रूप में एआई विषय की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की डिग्री में भी एआई का ठप्पा लगेगा। इससे उनकी डिग्री की वैल्यू बढ़ जाएगी। साथ ही नौकरी में भी फायदा मिलेगा। विश्वविद्यालय में अभी तक एआई की पढ़ाई के लिए 1200 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। अब इनका 30 वर्किंग डे में कोर्स पूरा कराया जाएगा। एआई की पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को सौंपी गई है। एआई कोर्स वर्ष में तीन बार चलेगा।
g 15 शिक्षकों की टीम करेगी अपडेट : कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की 15 शिक्षकों की टीम एआई कोर्स में नया अपडेट भी समय-समय पर शामिल करेगी। इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षकों ने बताया कि स्नातक व परास्नातक में एआई को हर विषय के साथ जोड़कर पढ़ने से विद्यार्थी की डिग्री की वैल्यू बढ़ेगी। साथ ही हर विषय में एआई को सरलता से कैसे उपयोगी बनाया जाए इस पर भी काम चल रहा है। साथ ही पूर्व में एआई का कोर्स कर चुके विद्यार्थियों को नए अपडेट के बारे में जानकारी मिल सकेगी। यदि वे दोबारा कोर्स करना चाहेंगे तो भी मौका मिलेगा।
g विषयवार विद्यार्थियों को मिलेगी ये जानकारी
फिजिक्स: लैब का डाटा, ग्राफ, एनालिसिस के साथ समय बचेगा।
केमेस्ट्री: डीप लर्निंग का उपयोग करने का प्रशिक्षण।
मैथ: कम समय में सवालों को तेजी से हल करना व कठिन फार्मूले को समझना।
इतिहास: वर्षों पुराने ऐतिहासिक डाटा को कम शब्दों में खोजने में आसानी होगी।
अर्थशास्त्र: बजट, जीडीपी, सेंसेक्स डाटा बजट के बेसिक माड्यूल को सरलता से समझना।