ट्रिपल मर्डर के विरोध में दुकानें बंद कर प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने अपनी दुकानें खोली। इससे दो दिन बाद बाजारों में रौनक लौटी। इस दौरान कुछ संगठन जबरन दुकानें बंद करने का दबाव बना रहे थे लेकिन पुलिस बल मुस्तैद होने से प्रदर्शन कर रहे लोगों की एक न चली और शुक्रवार को बाजार में बंदी का खास असर नहीं दिखा।
अधिकतर दुकानें दाल व्यवसायी सुनील जायसवाल, उनकी पत्नी कामिनी व पुत्र ऋतिक की मंगलवार रात लूट के दौरान हत्या कर दी गई थी। हत्या व लूट के बाद जिले के व्यापारी संगठनों ने 72 घंटे की बंदी का ऐलान किया था।
बुधवार व गुरुवार को बंदी का व्यापक असर देखने को मिला, लेकिन गुरुवार देर शाम दो संगठनों ने हड़ताल से खुद को अलग करने की घोषणा कर दी थी। गुरुवार शाम अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष भगवती गुप्ता व उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने कहा था कि उनके संगठन से जुड़े व्यापारी शुक्रवार को दुकान खोलेंगे।
यही वजह रही कि सुबह दस बजे होते ही शहर की मुख्य लालबाग बाजार में व्यापारियों ने दुकान खोलना शुरू कर दिया था। इसी बीच व्यापारियों का एक समूह नारेबाजी करता हुआ सड़क पर उतर आया और दुकानों को जबरन बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें कामयाबी नहीं मिली।
दोपहर 12 बजते बजते लालबाग बाजार पूरी तरह से खुल गई थी। हालांकि इस दौरान लोहामंडी, गल्ला मंडी पूरी तरह से बंद नजर आई। सब्जी मंडी में बंदी का मिला-जुला असर देखने को मिला। घंटाघर, ग्रीकगंज, गुरुद्वारा रोड, जिला अस्पताल रोड की दुकानें खुलीं।