ये केस तो महज बानगी है। ऐसे ही दो दर्जन आवेदक हैं, जो डाक विभाग की लापरवाही से परीक्षा देने से वंचित रह गए। कारण यह है कि डाक विभाग ने परीक्षा संपन्न हो जाने के बाद इन्हें प्रवेश पत्र उपलब्ध कराए। जब आवेदकों ने कॉल लेटर खोला तो परीक्षा की तिथि निकल चुकी थी। आवेदकों ने अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने उच्चाधिकारियों की गलती बताकर पल्ला झाड़ लिया।
डाक विभाग द्वारा पोस्टमैन व मेलगार्ड की भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था। इस भर्ती में जिले भर से सैकड़ों लोगों ने आवेदन किया था। लखनऊ में 13 दिसंबर को परीक्षा आयोजित की गई। आवेदकों में काफी उत्साह था। लेकिन उनकी उम्मीद डाक विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। आवेदकों को प्रवेश पत्र परीक्षा संपन्न हो जाने के दो दिन बाद मंगलवार को उपलब्ध कराए गए। जिससे आवेदक परीक्षा देने से वंचित रह गए। आवेदकों ने डाक विभाग से कारण पूछा तो उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कहकर वापस कर दिए।