गुरु के चरणों में शीश झुकाते श्रद्धालु।
- फोटो : गुरु के चरणों में शीश झुकाते श्रद्धालु।
नैमिषारण्य (सीतापुर)। गुरु पूर्णिमा का पर्व बृहस्पतिवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। विभिन्न मठ व आश्रमों में शिष्यों ने गुरुजनों का पूजन किया। इस दौरान कई शिष्यों ने दीक्षा ली। स्वामी नारदानंद आश्रम में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु व ब्रह्मचारियों ने संस्थापक ब्रम्हलीन नारदानंद सरस्वती की समाधि एवं वहां स्थित गुरुचरण पादुकाओं का पूजन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं व शिष्यों ने उपेंद्र सरस्वती महाराज का पूजन किया। श्री बांके बिहारी रमण आश्रम में धूमधाम से गुरु पूजन किया गया। शिष्यों ने महामंडलेश्वर विद्यानंद सरस्वती की चरणवंदना की। इस अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने स्वामीजी से गुरुमंत्र लेकर दीक्षा ग्रहण की।
गुरु पूर्णिमा पर सर्वप्रथम श्रद्धालुओं ने चक्रतीर्थ व गोमती नदी में स्नान कर पुरोहितों को दान किया। कई श्रद्धालुओं ने सत्य नारायण भगवान की कथा सुनी। मां ललिता देवी और अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। तीर्थ स्थित व्यास आश्रम में पीठाधीश्वर अनिल शास्त्री के सानिध्य में धूमधाम से गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। शिव शक्ति आश्रम में नेपाल व सिडनी से आए शिष्यों ने प्रसिद्ध कथा व्यास महंत सुरेश अवस्थी दास का पूजन किया। यहां भंडारे का आयोजन भी किया गया। हरिहरानंद आश्रम में गुरु पूजन कर कई श्रद्धालुओं ने दीक्षा ली।
महामंडलेश्वर सदा शिवेंद्र सरस्वती के सानिध्य में भव्य गुरु पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। हनुमान गढ़ी में महंत बजरंग दास व पवन दास के सानिध्य में गुरु पूजन उत्सव मनाया गया। इस दौरान भंडारा भी किया गया। पहला आश्रम में महंत नारायण दास के सानिध्य में गुरु पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं, लोखडिया आश्रम में महंत राज नारायण पाण्डेय के सानिध्य में गुरु पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तीर्थ के सभी मार्गों और आश्रमों में बड़ी संख्या में पीएसी व पुलिस बल तैनात रहा।