अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रहलाद सिंह द्वितीय ने मंगलवार को दो मिलावटखोरों को एक-एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
1995 व 1996 में खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूनों में मिलावट की पुष्टि होने के बाद दोनों को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने महमूदाबाद से दूध तो तालगांव से बेसन के लड्डू का नमूना भरा था, जो प्रयोगशाला की जांच में अधोमानक निकला।
1996 में तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी दयाराम श्रीवास्तव महमूदाबाद से सीतापुर दूध लिए आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने मोहल्लेपुर गांव निवासी दूध विक्रेता रामसिंह के कैन से दूध का नमूना भरा था।
इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में दूध का नमूना अधोमानक पाया गया। साथ ही दूध में वसा की मात्रा कम मिली। प्रयोगशाला जांच में इसकी पुष्टि होने पर न्यायालय में केस दर्ज कराया गया था।
इस मामले में मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोषी पर एक साल के कठोर कारावास व एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसी प्रकार 1995 में तालगांव इलाके के कसरैला निवासी अशोक कुमार के मिष्ठान भंडार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने छापेमारी की थी।
यहां से बेसन के लड्डू का नमूना लिया गया था। प्रयोगशाला की जांच में नमूना अधोमानक साबित हुआ है। जिस पर कोर्ट ने दोषी को एक साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।