स्कूली बच्चों की सलामती के लिए अब प्रशासन स्कूली बच्चों को ढोने वाले वाहनों की जांच करेगा। इसको लेकर डीएम डॉ. सारिका मोहन ने निर्देश जारी किया है कि जिले में स्कूली वाहनों की जांच के लिए अभियान चलाया जाए।
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि परिवहन विभाग व पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से स्कूली वाहनों की जांच करें। यह ध्यान रखें कि कोई ऐसा वाहन तो नहीं है जो पूरी तरह से जर्जर हो, इसके बावजूद स्कूली बच्चों को ढो रहा हो। डीएम के निर्देश के बाद एआरटीओ व पुलिस महकमा स्कूली खटारा वाहनों के खिलाफ जांच की तैयारी में जुट गया है।
जांच के दौरान जो वाहन मानके के विपरीत पाए जाएंगे, उन वाहनों पर कार्रवाई होना तय है। जिसमें वाहनों को चालान काटा जाएगा, जरूरत पड़ी तो वाहनों को सीज भी किया जाएगा।
स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के लिए मंगलवार को आरटीओ कार्यालय में कैंप आयोजित किया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा ने बताया कि जिन वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो गई है। वे वाहन स्वामी अपने वाहनों की जांच करवा लें। बगैर फिटनेस वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।