सीतापुर। शहर में नजूल जमीनों पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई पर मंगलवार को अधिवक्ता और सामाजिक संगठनों ने मोर्चा खोला। बार एसोसिएशन कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व अध्यक्ष आशीष मिश्र ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने सीतापुर गजेटियर, सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग, नजूल जमीनों से संबंधित नियमावली और निकाय के अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभिलेख पत्रकारों के सामने रखे।
पूर्व अध्यक्ष आशीष मिश्र ने मुख्य रूप से शहर की बुक नंबर 1 के गुम होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक शहर की तमाम नजूल जमीनों के रखरखाव, खरीद-बिक्री और उनके विस्तृत इतिहास का महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो कई वर्षों से लापता है। नगर पालिका इस पुस्तक के संबंध में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे पा रही है। उन्होंने इस पुस्तक को तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बुक नंबर 1 और अन्य आधार अभिलेख जन सामान्य के निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराए जाएं। नजूल भूमि से संबंधित समस्त अभिलेख सार्वजनिक किए जाएं। प्रशासन स्पष्ट करे कि निकाय किन जमीनों की विधिक अभिरक्षक है। क्या यह केवल राज्य सरकार की नजूल भूमि तक सीमित है या भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय, रेलवे व अन्य केंद्रीय विभागों की भूमि पर भी उसका कोई अधिकार है। कहा कि नगर सीमा में रक्षा मंत्रालय व भारत सरकार की भूमि के पट्टों के नवीनीकरण का अधिकार किस प्राधिकारी को है, यह स्पष्ट किया जाए। जिन पट्टों की अवधि दशकों पूर्व समाप्त हो चुकी थी, उनका समय रहते नवीनीकरण या पुनर्ग्रहण क्यों नहीं किया गया, इस पर प्रशासन अपनी नीति स्पष्ट करे।