सीतापुर। गोंदलामऊ ब्लॉक की हिंडौरा ग्राम पंचायत में 50.13 लाख रुपये के घोटाले में आरोपी सचिव हरदासी राणा ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका को वापस लिया है। इस याचिका में आरोपी सचिव ने प्रमुख सचिव पंचायती राज, जिलाधिकारी सीतापुर, सीडीओ, डीडीओ व अन्य को प्रतिवादी बनाया था।
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर हिंडौरा प्रधान श्यामादेवी व सचिव हरदासी राणा पर 30 जनवरी को एडीओ पंचायत ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। दोनों पर 50.13 लाख रुपये के घोटाले का आरोप है। इस मामले में डीएम के निर्देश पर सचिव को निलंबित भी किया जा चुका है। आरोपी सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी की जा रही है। सचिव ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 19 फरवरी को न्यायाधीश मनीष माथुर की एकल पीठ ने इस याचिका की सुनवाई की। इसमें सचिव के अधिवक्ता ने बताया कि याचिकाकर्ता हरदासी राणा की ओर से याचिका में अनजाने में कुछ गलत बिंदु शामिल हो गए हैं। इन्हें सुधार कर एक नई याचिका दायर करने की अनुमति मांगी गई। इस पर कोर्ट ने याचिका को वापस करते हुए खारिज कर दिया।
डीएम के फैसले के विरुद्ध प्रधान श्यामा देवी भी पहुंची थीं हाईकोर्ट
डीएम के निर्देश पर हिंडौरा घोटाले में आरोपी प्रधान श्यामा देवी पर भी एफआईआर दर्ज हुई थी। वहीं, उनके प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज किए गए थे। इस कार्रवाई को प्रधान ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने 12 फरवरी को याचिका निस्तारित करते हुए डीएम को याचिकाकर्ता व अन्य प्रभावित पक्षों को सुनते हुए अंतिम जांच कराने को निर्देश दिया है।
कमेटी बनाने का प्रयास: कृष्ण कुमार
शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया है। डीएम को कार्रवाई के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, हिंडौरा घोटाले की आरोपी प्रधान व उनका पुत्र पंचों को परेशान कर रहा है। वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज होने के बाद प्रधान अपने खास पंचों को त्रिस्तरीय कमेटी में शामिल करने के लिए प्रयासरत हैं। शिकायतकर्ता ने डीएम से ऐसा होने से रोकने का भी अनुरोध किया है।