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Sitapur News: मां धूमावती के दर्शन का शनिवार को संयोग

Fri, 16 Oct 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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नैमिषारण्य। कालीपीठ स्थित मां धूमावती के दर्शन का संयोग इस बार शारदीय नवरात्र में केवल एक दिन 17 अक्तूबर को बन रहा है। ललिता देवी मंदिर के प्रधान पुजारी व कालीपीठाधीश्वर गोपाल शास्त्री ने बताया कि नवरात्र में पड़ने वाले शनिवार के दिन ही माता के दर्शन होते हैं। इसके अलावा अन्य दिनों में माता के दर्शन संभव नहीं हैं। कालीपीठ संचालक भास्कर शास्त्री ने बताया कि उग्र देवी मां धूमावती का स्वरूप 10 महाविद्याओं में विधवा स्वरूप जैसा है। इनका वाहन कौआ है। मां श्वेत वस्त्र धारण किए हुए हैं। खुले केश माता का रूप और विकराल बनाते हैं।
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उन्होंने बताया कि मां का स्वरूप भले ही भयावह हो पर वह श्रद्धालुओं के लिए हमेशा कल्याणकारी ही होता है। उन्होंने बताया कि पूरे वर्ष में नवरात्र के दौरान शनिवार के दिन ही मां के दर्शन किए जाते हैं। मान्यता है कि माता के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है। माता के पूजन विधान के अंतर्गत शनिवार को काले कपड़े में काले तिल मां के चरणों में अर्पित किए जाने की परंपरा है। मान्यता है कि सुहागिन महिलाएं माता के दर्शन नहीं करती हैं। ऐसा देवी के वैधव्य रूप के कारण है।
शिव को निगलने पर पड़ा धूमावती नाम
कालीपीठाधीश्वर ने बताया कि वस्तुतः मां के इस रूप का कारण अलग है। मां धूमावती एक बार भगवान शिव के पास गईं, उस समय शिव समाधि में लीन थे। माता के कई बार निवेदन करने पर भी शिवजी का ध्यान मां की तरफ नहीं गया। तो मां धूमावती देवी ने क्रोधित होकर शिवजी को निगल लिया। भगवान शिव के गले में विष होने के कारण मां के शरीर से धुआं निकलने लगा। इसी कारण उनका नाम धूमावती पड़ा।
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