सिधौली (सीतापुर)। कस्बा बाड़ी में जन्मे ‘सुदामा चरित’ के रचयिता नरोत्तम दास की पहचान बताने की जरूरत नहीं है। उनकी समाधि बना कर उसे स्मारक के तौर पर विकसित किया गया है। नरोत्तम दास की याद व सम्मान में सिधौली में नरोत्तम नगर मोहल्ला बसाया गया। नरोत्तम नगर का शुमार नगर के पॉश एरिया में किया जाता है। नगर पंचायत की ओर से यहां लगभग सभी जरूरी सुविधाएं मुहैय्या कराई जा रही हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों के मन में शासन द्वारा मोहल्ले को उपेक्षित किए जाने की टीस है।
नरोत्तम दास के नाम पर मोहल्ले का नामकरण भर कर दिया गया। मगर इसे शासन की ओर से विशेष दर्जा दिए जाने अथवा सौन्दर्यीकरण की पहल नहीं की गई। यहां के ओम प्रकाश मिश्रा कहते हैं कि नरोत्तम दास की समाधि से मोहल्ले तक आने वाली सड़क काफी संकरी है। जिससे यातायात सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पाता है। सड़क का चौड़ीकरण कराए जाने की आवश्यकता है।
विमलेश चन्द्र के मुताबिक नरोत्तम दास के नाम पर एक इंटर कालेज खोला जाना चाहिए। जिससे क्षेत्र में शैक्षिक स्तर बढ़ सके। मुन्नन, धर्मवीर का कहना है कि नगर पंचायत स्तर से सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। पर शासन स्तर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। आने वाली पीढ़ी महान कवि नरोत्तम दास से प्रेरणा ले सके, इसके लिए शासन को विशेष कार्य योजना बनानी चाहिए। यहां कवि नरोत्तम दास की याद में पार्क अथवा खेल मैदान बनवाकर परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करवाया जाए।
कृषुरेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि महान विभूतियों की याद व सम्मान तथा उनके विचारों का प्रचार-प्रसार कराने में शासन गंभीर नहीं है। शासन को इस मसले पर ठोस रणनीति तैयार क र उसे अमल में लाना होगा।