संदना (सीतापुर)। संदना इलाके में तेंदुए की आमद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। पगमार्क मिलने से ग्रामीणों में जबरदस्त दहशत है। हालांकि अभी तक किसी ने तेंदुए को नहीं देखा, लेकिन वन विभाग ने पगचिन्ह देखकर तेंदुआ होने की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि तेंदुआ गन्ने के खेतों में छुपा हुआ है। डीएफओ ने भी क्षेत्र का दौरा किया है। उनका कहना है कि टीम लगा दी गई है। मामले में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
संदना इलाके के अनोगी गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि सुबह वह खेत की ओर गया था। रास्ते में बड़े और गोल-गोल पगमार्क मिले। जिससे उसे बाघ या तेंदुआ होने की आशंका हुई। इसके बाद उसने अन्य ग्रामीणों व ग्राम प्रधान राणा प्रताप सिंह को सूचना दी। ग्रामीण भी क्षेत्र में गए और पगमार्क देखे। प्रधान ने वन विभाग को सूचना दी। खबर मिलने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और ग्रामीणों को साथ लेकर पगमार्क देखे।
पदचिन्ह देखते हुए वन विभाग की टीम व ग्रामीण काफी दूर तक गए। इस दौरान क्षेत्र के अनोगी, वैसनपुरवा, पुरैनी, वनगुजरेहटा, काकोरी, गोपालपुर, शंकरपुर आदि गांव के पास पगमार्क देखे गए। वन विभाग ने पगमार्क से तेंदुआ होने की पुष्टि की है। तेंदुए के पदचिन्ह मिलने से क्षेत्र में जबरदस्त दहशत है। लोगों ने खेतों की ओर अकेले जाना छोड़ दिया है। बच्चों को लोग अपने घरों से नहीं निकलने दे रहे हैं। मामले की गंभीरता देखते हुए डीएफओ एपी त्रिपाठी भी वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनकी निगरानी में पदचिन्ह देखे गए। डीएफओ का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में मिले पगमार्क तेंदुए के हैं, लेकिन अभी तक उसको देखा नहीं गया है। पदचिन्हों को देखते हुए क्षेत्र में काम्बिंग की जा रही है। वन विभाग की टीम लगी हुई है। पगमार्क को एक गन्ने के खेत तक देखा गया। उस गन्ने के खेत के आगे पदचिन्ह नहीं मिल रहे हैं, जिससे माना जा रहा है कि तेंदुआ गन्ने के खेत में ही छुपा हो सकता है। उनका कहना है कि टीम लगा दी गई है। क्षेत्र के ग्रामीणों को भी आगाह कर दिया गया है। तेंदुए के पदचिन्ह मिलने को लेकर जरुरी कदम उठाए जा रहे हैं।