सीतापुर। हरगांव के सैलूमऊ की अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद पुलिस अब फिर से मुस्तैद हो गई है। पुलिस अवैध पटाखा कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुखबिरों का सहारा ले रही है। ऐसे में अवैध पटाखा कारोबार में लिप्त कई लोग भूमिगत हो गए हैं। हालांकि घटना के चार दिन बाद भी पुलिस ने कहीं छापा नहीं डाला। वहीं सैलूमऊ धमाके का आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
गुरुवार को हरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम सैलूमऊ निवासी मोहम्मद याकूब के घर में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाका हो गया था। इस धमाके में याकूब की एक पत्नी यासमीन की मौत हो गई थी, जबकि अफसाना गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इस धमाके ने प्रशासन की छापा मार कार्रवाई की सच्चाई उजागर कर दी है। वहीं हरगांव थानाध्यक्ष रमेश चंद्र यादव ने बताया कि हरगांव में हुए धमाके के आरोपी मोहम्मद याकूब की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। शनिवार रात पुलिस की कई टीमों ने अलग-अलग जगहों पर छापा मारा लेकिन याकूब पुलिस के हाथ नहीं लग सका।
पुलिस ने अवैध कारोबारियों को तलाशने के लिए अपने मुखबिर लगाए हैं। कहीं भी अगर अवैध रूप से पटाखे का कारोबार होता नजर आएगा, पुलिस को उसकी सूचना जरूर मिल जाएगी। पुलिसकर्मी भी ऐसे कारोबारियों को तलाश रही है। अब तक वे ही दुकानें खुली हैं, जिनके पास लाइसेंस हैं।
राजेश कृष्ण, एसपी
की जा रही है जांच
पटाखा कारोबारियों को लाइसेंस देने से पहले पूरी जांच की जा रही है। वर्तमान समय में कहीं भी घनी आबादी में पटाखा का कारोबार नहीं हो रहा है। जो दुकानें दिवाली के तहत लगाई जाएंगी, उन्हें सारे मानकों को पूरा करना होगा।
सर्वेश दीक्षित, एडीएम