सीतापुर। यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार 91 हजार 89 परीक्षार्थी एग्जाम देंगे। इस बार पिछले वर्ष के सापेक्ष सात हजार 525 परीक्षार्थी ज्यादा परीक्षा में बैठेंगे। पिछले बरस 83 हजार 565 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। इसके लिए यहां कुल 164 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। विभाग के अनुसार परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए इस साल तेरह नए केंद्र बनाए गए हैं। इनमें आठ संवेदनशील केंद्र भी शामिल हैं।
यूपी बोर्ड की हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2014 में संस्थागत व व्यक्तिगत के कुल 91 हजार 89 परीक्षार्थी बैठेंगे। इनमें हाई स्कूल के 51 हजार 584 तथा इंटरमीडिएट में 39 हजार 505 परीक्षार्थी हैं। हाई स्कूल में संस्थागत बालकों की संख्य 26 हजार 721 जबकि बालिकाओं का संख्या 23 हजार 163 है। इसी तरह व्यक्तिगत हाई स्कूल में एक हजार 46 बालक तथा 654 बालिकाएं परीक्षा देंगी। इंटरमीडिएट में संस्थागत 20 हजार 307 बालक तथा 16 हजार 820 बालिकाएं परीक्षा देंगी जबकि व्यक्तिगत 1 हजार 75 बालक तथा1 हजार 303 बालिकाएं परीक्षा में बैठेंगी। पिछले साल 2013 और वर्ष 2014 की यूपी बोर्ड में इस साल सात हजार 524 परीक्षार्थी अधिक बैठेंगे। इनमें हाई स्कूल 488 तथा इंटरमीडिएट में 7036 परीक्षार्थी शामिल हैं।
60 निशक्त भी देंगे स्वकेंद्र परीक्षा
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार 60 निशक्त भी परीक्षा सम्मिलित होंगे। ये सभी निशक्त स्वकेंद्र एग्जाम देंगे। विभागीय जानकार बताते हैं कि चयनित निशक्त जिस विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। वह छात्र उसी विद्यालय में एग्जाम देंगे।
चार हजार परीक्षकों की लगेगी ड्यूटी
यूपी बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा को शांतिपूर्वक संपादित कराने को जिले में चार हजार परीक्षकों की आवश्यकता होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास शिक्षकों की इतनी बड़ी फौज नहीं है। हालांकि हर साल विभाग बेसिक शिक्षा महकमे के शिक्षकों की मदद ली जाती है। इस बार भी महकमा परीक्षा को निपटाने में बेसिक शिक्षकों का सहयोग लेगा।
वर्ष 2014 में हाईस्कूल और इंटर के 91089 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। गत वर्ष की तुलना में इस बरस 7524 अभ्यर्थी अधिक एग्जाम देंगे। परीक्षार्थियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए परीक्षा केंद्रों की संख्या में बढ़ाई गई है। इस बार 164 परीक्षा केंद्रों पर ये अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
-डॉ. सच्चिदानंद यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक