सीतापुर। विशेष सत्र न्यायाधीश श्रीनाथ सिंह ने दहेज हत्या के एक मामले में पति व ससुर को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रघुवीर सिंह ने की। रेउसा थाना क्षेत्र के ग्राम बेहड़ निवासी कमलेश कुमार शुक्ला ने अपनी पुत्री सुनीता का विवाह 25 जुलाई 2007 को रामपुर मथुरा क्षेत्र के ग्राम शुक्लनपुरवा निवासी योगेंद्र उर्फ पिंकू के साथ किया था। वादी के मुताबिक विवाह के बाद से ही योगेंद्र, उसके पिता चुन्नी लाल, चाचा शिवकुमार तथा चाची शीला दहेज में बाइक, टीवी आदि की मांग को लेकर सुनीता को परेशान करते थे। प्रताड़ना के चलते सुनीता की 11 नवंबर 2008 की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से मौत हो गई। परिवारीजनों ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचन ने चाराें आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायाधीश ने मृतका के चचिया ससुर व सास को तो दोषमुक्त कर दिया लेकिन आरोपी पति व ससुर को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड भी लगाया गया हैै।
चार फरवरी को बंद रहेंगे न्यायालय
जनपद न्यायाधीश प्रभात चंद्र त्रिपाठी ने गणतंत्र दिवस रविवार होने के चलते इसके एवज में होने वाली एक दिन की छुट्टी की घोषणा की है। इस क्रम में चार फरवरी को बसंत पंचमी को अवकाश घोषित किया गया है। चार फरवरी को जनपद के सभी न्यायालय बंद रहेंगे।