सीतापुर। शारदा व घाघरा नदियों का जलस्तर घटने के बाद कटान से रेउसा व रामपुर मथुरा इलाकों में बीते 24 घंटों के दौरान 15 घर और कट गए है। जबकि कई लोग घरों को खाली कर पलायन की तैयारी में हैं। इन क्षेत्रों की करीब 20 बीघा कृषि भूमि भी नदी की भेंट चढ़ गई है। तहसीलदार महमूदाबाद में कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया, लेकिन अब तक कोई मदद मुहैया नहीं कराई गई है।
रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में घाघरा नदी ने अंगरौरा गांव में कटान तेज कर दी है। यहां के हरीलाल, माधुरी देवी, दिलेराम, झबरू, रामसरन, सालिकराम, परशुराम, अलगूराम के घर कटकर नदी में बह गए है। गांव के रविशंकर, दुखरन, मनोहर के घर कटान के मुहाने पर है। इसके साथ ही गांव में बना प्राथमिक व जूनियर विद्यालय कटान के कगार पर हैं। क्षेत्र में बीते 24 घंटों में आठ बीघा जमीन कटकर नदी में समाहित हो गई है। तहसीलदार घनश्याम वर्मा ने अंगरौरा गांव का निरीक्षण किया और कटान के संबंध में जानकारी ली। लेकिन उनके द्वारा कोई मदद आवंटित नहीं की गई है, जिससे कटान पीड़ित भरण-पोषण के लिए मशक्कत कर रहे है। रेउसा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में घाघरा नदी की कटान टिब्भा गांव के लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। टिब्भा के हरेश, चेतराम, संबारी, अशरफी, तीरथराम, पेशकार व मुनेश्वर के घर कट गए है। गांव के मुन्नालाल, मुंशी और मेवालाल के घर कटान की कगार पर है। ये लोग अपने घरों को गिराकर जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर पलायन की तैयारी में हैं। क्षेत्र के काशीपुर, असईपुर, कम्हरिया, बढ़ईनपुरवा, मेड़ईपुरवा गांवों में 12 बीघा कृषि भूमि और कट गई है। तंबौर प्रतिनिधि के अनुसार शारदा नदी के किनारे पर बसे बोधवा, बरछता व बड़रिया गांवों में कटान थम गई है, जिससे यहां के लोगों ने राहत की सास ली है।