पहला (सीतापुर)। थानगांव थाना क्षेत्र में रविवार की देर रात आदमखोर भेड़िया एक और मासूम बच्ची को घर से उठा ले गया और निवाला बनाने के बाद भाग निकला। बच्ची का अस्थि पंजर गांव के बाहर एक गन्ने के खेत से बरामद हुआ। अकेले थानगांव इलाके में एक हफ्ते में भेड़िये द्वारा तीन मासूम बच्चों को निवाला बनाये जाने की घटनाओं से इलाकाई लोगों में वन विभाग के प्रति बेहद नाराजगी है। नरभक्षी भेड़िये की खोज के लिए अभी तक वन विभाग द्वारा कोई अभियान नहीं चलाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थानगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सरैया छतौना निवासी गुरुदीन गौतम की 10 वर्षीया पुत्री मनसुखा रविवार की रात छप्पर के नीचे अपने माता पिता के साथ सो रही थी। उसी दौरान आदमखोर भेड़िया दबे पांव घुस आया। भेड़िया बच्ची को अपने मुंह में दबाकर ले जाने लगा। बच्ची के शोर मचाने पर उसके माता पिता की नींद टूटी और उन्होंने शोर मचाया। लाठी डंडों से लैस दर्जनों ग्रामीण बच्ची की तलाश करते हुए गांव के बाहर जसीम निवासी शमसेरी पुरवा के गन्ने के खेत में पहुंचे। जहां बच्ची का अस्थि पंजर पाया गया। ग्रामीण प्रकाश, राज कुमार, विनोद, रामू, तय्यब, विदेश आदि ने बताया कि यह घटना रात दो बजे के आसपास हुई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने चार भेड़ियों को इलाके में विचरण करते देखा है। इस सम्बन्ध में डीएफओ आरपी वर्मा का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई कि बच्चों को निवाला बनाने वाला जंगली जानवर भेड़िया ही है अथवा और कोई हिंसक पशु। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा कांबिग शुरू कराई जायेगी।